संस्कृत सीखें
शून्य से शास्त्र तक — चरणबद्ध शिक्षण मार्ग
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आधार
धातु रूप, वाक्य रचना, शब्द रूप, सर्वनाम, सन्धि — संस्कृत की नींव
पूर्व-तैयारी: वर्णमाला
धातु रूप
- भ्वादि गण — लट् लकार (वर्तमान काल) 20 मि.
- भ्वादि गण — लृट् लकार (भविष्यत् काल) 20 मि.
- भ्वादि गण — लङ् लकार (भूतकाल) 20 मि.
- भ्वादि गण — लोट् लकार (आज्ञार्थ) 18 मि.
- भ्वादि गण — विधिलिङ् लकार 18 मि.
- दिवादि गण — लट् लकार 20 मि.
- तुदादि गण — लट् लकार 18 मि.
- चुरादि गण — लट् लकार 18 मि.
- अदादि गण — लट् लकार 20 मि.
- जुहोत्यादि गण — लट् लकार 20 मि.
वाक्य रचना
- सर्वनाम और गम् धातु — पहले वाक्य 15 मि.
- स्थान और काल — गन्तव्य एवं समय 15 मि.
- आ-उपसर्ग और भक्षय् धातु — आना और खाना 15 मि.
- नय् और आनय् — ले जाना और लाना 15 मि.
- प्रश्न वाक्य — किम्, कः, कुत्र 15 मि.
- निषेध वाक्य — 'न' और 'मा' 12 मि.
- विशेषण-विशेष्य सम्बन्ध 15 मि.
- क्रियाविशेषण — कैसे, कब, कहाँ 15 मि.
- संयुक्त वाक्य — 'च', 'वा', 'किन्तु' 15 मि.
- कथा-वाचन — सरल कथा पठन 20 मि.
शब्द रूप
- विभक्ति परिचय — संस्कृत में शब्द-रूप क्यों? 15 मि.
- राम शब्द — अकारान्त पुल्लिंग 20 मि.
- देव शब्द — अकारान्त पुल्लिङ्ग 15 मि.
- फल शब्द — अकारान्त नपुंसकलिङ्ग 15 मि.
- नदी शब्द — ईकारान्त स्त्रीलिङ्ग 18 मि.
- मति शब्द — इकारान्त स्त्रीलिङ्ग 20 मि.
- गुरु शब्द — उकारान्त पुल्लिङ्ग 18 मि.
- पितृ शब्द — ऋकारान्त पुल्लिङ्ग 22 मि.
- लता शब्द — आकारान्त स्त्रीलिङ्ग 18 मि.
- वारि शब्द — इकारान्त नपुंसकलिङ्ग 20 मि.
सर्वनाम
कारक-विभक्ति
- कारक परिचय — कारक और विभक्ति 20 मि.
- प्रथमा विभक्ति — कर्ता कारक 18 मि.
- द्वितीया विभक्ति — कर्म कारक 20 मि.
- तृतीया विभक्ति — करण कारक 20 मि.
- चतुर्थी विभक्ति — सम्प्रदान कारक 18 मि.
- पञ्चमी विभक्ति — अपादान कारक 20 मि.
- षष्ठी विभक्ति — सम्बन्ध 18 मि.
- सप्तमी विभक्ति — अधिकरण कारक 20 मि.
- सम्बोधन — पुकार (हे!) 15 मि.
अव्यय
सन्धि
संख्या
2
मध्यम
उन्नत सन्धि, समास, कृदन्त — गहन व्याकरण