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कर्तृवाच्य — कर्ता प्रधान

अनुमानित समय: 15 मिनट

वाच्य क्या है?

वाच्य (voice) बताता है कि वाक्य में कौन प्रधान है — कर्ता, कर्म, या भाव। संस्कृत में तीन वाच्य हैं:

  1. कर्तृवाच्य (Active Voice) — कर्ता प्रधान
  2. कर्मवाच्य (Passive Voice) — कर्म प्रधान
  3. भाववाच्य (Impersonal Passive) — भाव/क्रिया प्रधान

इस पाठ में हम कर्तृवाच्य पढ़ेंगे — यह संस्कृत का सबसे सामान्य वाच्य है।

कर्तृवाच्य — कर्ता प्रधान

कर्तृवाच्य में कर्ता (agent/doer) प्रधान होता है। क्रिया कर्ता के पुरुष और वचन के अनुसार बदलती है।

नियम

तत्त्वविभक्ति/नियम
कर्ताप्रथमा विभक्ति
कर्मद्वितीया विभक्ति
क्रियाकर्ता के पुरुष + वचन के अनुसार
पदपरस्मैपद या आत्मनेपद (धातु के अनुसार)

उदाहरण

रामः ग्रन्थं पठति।

पदविश्लेषण
रामःकर्ता, प्रथमा एकवचन
ग्रन्थम्कर्म, द्वितीया एकवचन
पठतिपठ् धातु, लट् लकार, प्रथम पुरुष एकवचन (कर्ता ‘रामः’ के अनुसार)

अनुवाद: राम पुस्तक पढ़ता है।

कर्ता-क्रिया सामञ्जस्य (Subject-Verb Agreement)

कर्तृवाच्य की सबसे महत्त्वपूर्ण बात — क्रिया कर्ता के अनुसार बदलती है:

वचन के अनुसार

कर्ताक्रियाअनुवाद
बालकः पठतिएकवचनलड़का पढ़ता है
बालकौ पठतःद्विवचनदो लड़के पढ़ते हैं
बालकाः पठन्तिबहुवचनसब लड़के पढ़ते हैं

पुरुष के अनुसार

कर्ताक्रियापुरुष
सः गच्छतिप्रथम पुरुषवह जाता है
त्वं गच्छसिमध्यम पुरुषतू जाता है
अहं गच्छामिउत्तम पुरुषमैं जाता हूँ

परस्मैपद में कर्तृवाच्य

अधिकांश कर्तृवाच्य वाक्यों में परस्मैपद प्रत्ययों का प्रयोग होता है:

पुरुषएकवचनद्विवचनबहुवचन
प्रथम-ति-तः-न्ति
मध्यम-सि-थः-थ
उत्तम-मि-वः-मः

अधिक उदाहरण

कर्तृवाच्य वाक्यअनुवाद
सीता गीतं गायतिसीता गीत गाती है
छात्राः पाठं पठन्तिछात्र पाठ पढ़ते हैं
अहं जलं पिबामिमैं पानी पीता हूँ
त्वं फलं खादसितू फल खाता है
गुरुः शिष्यं पाठयतिगुरु शिष्य को पढ़ाता है

ध्यान दें — कर्ता का लिङ्ग (स्त्रीलिङ्ग/पुल्लिङ्ग) क्रिया को प्रभावित नहीं करता। ‘रामः पठति’ और ‘सीता पठति’ — दोनों में क्रिया ‘पठति’ ही है।

अकर्मक धातुओं का कर्तृवाच्य

कुछ धातुओं के साथ कोई कर्म नहीं होता (अकर्मक/intransitive):

वाक्यअनुवाद
बालकः हसतिलड़का हँसता है
सः तिष्ठतिवह खड़ा होता है
वृक्षाः वर्धन्तेवृक्ष बढ़ते हैं

इन वाक्यों में भी कर्ता प्रथमा में है और क्रिया कर्ता के अनुसार है — अतः यह कर्तृवाच्य ही है।

याद रखें

  1. कर्तृवाच्य = Active Voice — कर्ता प्रधान
  2. कर्ता प्रथमा विभक्ति में, कर्म द्वितीया में
  3. क्रिया कर्ता के पुरुष और वचन के अनुसार
  4. यह संस्कृत का सबसे सामान्य वाच्य है — अधिकतर वाक्य इसी में होते हैं
  5. अगले पाठ में हम देखेंगे कि इसी वाक्य को कर्मवाच्य में कैसे बदलें

अभ्यास

प्रश्न 1 / 70 सही

कर्तृवाच्य में क्रिया किसके अनुसार होती है?