अपत्य प्रत्यय — अण्, इञ्
अनुमानित समय: 15 मिनट
अपत्य प्रत्यय — वंशज / सन्तान
अपत्य प्रत्यय किसी व्यक्ति के वंशज (descendant), पुत्र (son), या सन्तान (offspring) को सूचित करते हैं।
दशरथ + इञ् → दाशरथिः = दशरथ का पुत्र (राम)
मुख्य अपत्य प्रत्यय
1. अण् प्रत्यय
- अर्थ: वंशज / सन्तान (descendant)
- प्रथम स्वर में वृद्धि होती है
- परिणामी शब्द प्रायः पुल्लिंग या स्त्रीलिंग (ङीप् लगाकर)
| मूल शब्द | वृद्धि | अपत्य | अर्थ |
|---|---|---|---|
| वसुदेव | व→वा | वासुदेवः | वसुदेव का पुत्र (कृष्ण) |
| उपगु | उ→औ | औपगवः | उपगु का वंशज |
| शुनक | शु→शौ | शौनकः | शुनक का वंशज |
| द्रुपद | द्रु→द्रौ | द्रौपदी (+ ङीप्) | द्रुपद की पुत्री |
| गर्ग | ग→गा | गार्गः | गर्ग का वंशज |
2. इञ् प्रत्यय
- अर्थ: पुत्र (immediate son — अधिक निकट सम्बन्ध)
- प्रथम स्वर में वृद्धि + अन्त में -इ
| मूल शब्द | वृद्धि | अपत्य | अर्थ |
|---|---|---|---|
| दशरथ | द→दा | दाशरथिः | दशरथ का पुत्र (राम) |
| द्रोण | द्रो→द्रौ | द्रौणिः | द्रोण का पुत्र (अश्वत्थामा) |
| जनक | ज→जा | जानकी (+ ङीप्) | जनक की पुत्री (सीता) |
| कुन्ती | कु→कौ | कौन्तेयः | कुन्ती का पुत्र (अर्जुन) |
3. अन्य अपत्य प्रत्यय
| प्रत्यय | उदाहरण | अर्थ |
|---|---|---|
| फक् (= आयन) | नारायणः (नर + आयन) | नर का वंशज |
| ढक् (= एय) | कौन्तेयः (कुन्ती + एय) | कुन्ती का पुत्र |
| ण्य (= य) | भारद्वाजः (भरद्वाज + य) | भरद्वाज का वंशज |
वृद्धि का नियम
अपत्य प्रत्ययों में मूल शब्द के प्रथम स्वर में वृद्धि होती है:
| मूल स्वर | वृद्धि | उदाहरण |
|---|---|---|
| अ → आ | दशरथ → दाशरथिः | |
| इ → ऐ | — | |
| उ → औ | कुन्ती → कौन्तेयः, द्रुपद → द्रौपदी |
साहित्य में अपत्य शब्द
गीता और महाभारत में अपत्य शब्दों का बहुत प्रयोग है:
| अपत्य शब्द | पिता/माता | व्यक्ति | ग्रन्थ |
|---|---|---|---|
| पार्थः | पृथा (कुन्ती) | अर्जुन | गीता |
| कौन्तेयः | कुन्ती | अर्जुन/भीम/युधिष्ठिर | गीता |
| वासुदेवः | वसुदेव | कृष्ण | गीता |
| दाशरथिः | दशरथ | राम | रामायण |
| जानकी | जनक | सीता | रामायण |
| द्रौपदी | द्रुपद | द्रौपदी | महाभारत |
| द्रौणिः | द्रोण | अश्वत्थामा | महाभारत |
वाक्यों में प्रयोग
कौन्तेय! योगी भव। (गीता) हे कुन्ती-पुत्र! योगी बनो।
वासुदेवः सर्वम् इति। (गीता 7.19) वासुदेव (कृष्ण) ही सब कुछ है।
दाशरथिः रामः सीतया सह वनं गतवान्। दशरथ-पुत्र राम सीता के साथ वन गए।
जानकी पतिव्रता आसीत्। जनक-पुत्री (सीता) पतिव्रता थी।
याद रखें
- अपत्य = वंशज / सन्तान — अण्, इञ्, ढक् आदि प्रत्यय
- प्रथम स्वर में वृद्धि होती है (अ→आ, उ→औ)
- अण् = वंशज (broad), इञ् = पुत्र (immediate)
- गीता/महाभारत/रामायण में अत्यन्त सामान्य — पार्थ, कौन्तेय, वासुदेव
- स्त्रीलिंग में ङीप् (ई) लगता है — जानकी, द्रौपदी
अभ्यास
प्रश्न 1 / 60 सही
अपत्य प्रत्यय किस अर्थ में प्रयुक्त होते हैं?