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सप्तमी सति — Locative Absolute

अनुमानित समय: 18 मिनट

सप्तमी सति — Locative Absolute

Locative Absolute (सप्तमी सति प्रयोग) संस्कृत की एक विशिष्ट वाक्य-संरचना है जो “जब… तब…” (when/after X happens, Y happens) का अर्थ देती है।

मूल संरचना

[कर्ता, सप्तमी] + [कृदन्त/विशेषण, सप्तमी] + मुख्य वाक्य

मूल उदाहरण

सूर्ये उदिते सः गच्छति।

पदविश्लेषण
सूर्येसूर्य — सप्तमी एकवचन (कर्ता)
उदितेउदित (उदय हुआ) — क्त कृदन्त, सप्तमी एकवचन
सः गच्छतिवह जाता है (मुख्य वाक्य)

अनुवाद: सूर्य उदय होने पर वह जाता है।

Locative Absolute के नियम

1. कर्ता और कृदन्त दोनों सप्तमी में

कर्ता (सप्तमी)कृदन्त (सप्तमी)अर्थ
सूर्येउदितेसूर्य उदय होने पर
रामेगतेराम के जाने पर
गुरौआगतेगुरु के आने पर
वर्षायाम्सत्याम्वर्षा होने पर

2. कर्ता मुख्य वाक्य से भिन्न

Locative Absolute का कर्ता मुख्य वाक्य के कर्ता से प्रायः भिन्न होता है:

सूर्ये उदिते सः गच्छति। (सूर्य ≠ वह) रामे गते सीता अरोदीत्। (राम ≠ सीता)

3. लिङ्ग-वचन सामञ्जस्य

कर्ता और कृदन्त दोनों एक ही लिङ्ग और वचन में:

कर्तालिङ्गकृदन्त
रामे (पुल्लिङ्ग, ए.)पुल्लिङ्गगते
सीतायाम् (स्त्रीलिङ्ग, ए.)स्त्रीलिङ्गगतायाम्
बालकेषु (पुल्लिङ्ग, ब.)पुल्लिङ्गगतेषु

विभिन्न कृदन्तों के साथ

क्त कृदन्त (भूत कृदन्त) — सबसे सामान्य

“X हो चुकने पर”:

Locative Absoluteअर्थ
सूर्ये उदितेसूर्य उदय हो चुकने पर
अन्ने पक्वेअन्न पक चुकने पर
शत्रौ हतेशत्रु मारे जाने पर

शतृ/शानच् कृदन्त (वर्तमान कृदन्त)

“X हो रहा होने पर”:

Locative Absoluteअर्थ
सूर्ये उद्गच्छतिसूर्य उदय हो रहा होने पर
गुरौ वदतिगुरु बोल रहे होने पर

’सति/सत्याम्’ के साथ

सति (being/existing) = अस् धातु का शतृ कृदन्त:

Locative Absoluteअर्थ
धर्मे सतिधर्म होने पर
वर्षायां सत्याम्वर्षा होने पर
कारणे सतिकारण होने पर

अधिक उदाहरण

Locative Absolute + मुख्य वाक्यअनुवाद
रामे वनं गते सीता अरोदीत्राम के वन जाने पर सीता ने रोया
गुरौ आगते शिष्याः उत्तस्थुःगुरु के आने पर शिष्य खड़े हुए
युद्धे समाप्ते सैनिकाः गृहं गताःयुद्ध समाप्त होने पर सैनिक घर गए
रात्रौ आगतायां दीपाः प्रज्वलिताःरात्रि आने पर दीपक जलाए गए
राजनि प्रसन्ने कारागृहस्थाः मुक्ताःराजा प्रसन्न होने पर बन्दी मुक्त किए गए

अंग्रेज़ी ‘Ablative Absolute’ से तुलना

Latin/EnglishSanskrit
”The sun having risen, he goes”सूर्ये उदिते सः गच्छति
”With the king being pleased…”राजनि प्रसन्ने सति…

संस्कृत सप्तमी (locative) का प्रयोग करता है, Latin ablative का। दोनों की संरचना समान है।

याद रखें

  1. Locative Absolute = [कर्ता + कृदन्त] दोनों सप्तमी में
  2. अर्थ: “X होने पर Y होता है” — when/after X, then Y
  3. कर्ता मुख्य वाक्य के कर्ता से भिन्न होता है
  4. सबसे सामान्य: क्त कृदन्त (भूत) — सूर्ये उदिते, रामे गते
  5. संस्कृत पद्य और गद्य दोनों में अत्यन्त प्रचलित — पहचानना आवश्यक

अभ्यास

प्रश्न 1 / 70 सही

'सूर्ये उदिते सः गच्छति' का अर्थ क्या है?