दश लकार पुनरावलोकन
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दश लकार — सम्पूर्ण पुनरावलोकन
संस्कृत में कुल 10 लकार (verbal moods/tenses) हैं। इस पाठ में हम सभी 10 लकारों का संक्षिप्त पुनरावलोकन करेंगे।
सम्पूर्ण सारणी
| क्रम | लकार | हिन्दी नाम | English | प्रयोग |
|---|---|---|---|---|
| 1 | लट् | वर्तमान | Present | वर्तमान काल |
| 2 | लिट् | परोक्ष भूत | Perfect | दूर का भूत (अदृष्ट) |
| 3 | लुट् | अनद्यतन भविष्यत् | Periphrastic Future | निश्चित भविष्य |
| 4 | लृट् | सामान्य भविष्यत् | Simple Future | सामान्य भविष्य |
| 5 | लोट् | आज्ञार्थ | Imperative | आज्ञा, अनुरोध, प्रार्थना |
| 6 | लङ् | अनद्यतन भूत | Imperfect | आज से पहले का भूत |
| 7 | विधिलिङ् | सम्भावना | Optative/Potential | चाहिए, सम्भावना |
| 8 | आशीर्लिङ् | आशीर्वाद | Benedictive | शुभकामना, आशीर्वाद |
| 9 | लुङ् | सामान्य भूत | Aorist | अनिश्चित भूतकाल |
| 10 | लृङ् | हेतुबोधक भविष्यत् | Conditional | अपूर्ण शर्त |
भू धातु — सभी 10 लकारों में (प्र.पु.ए.)
| लकार | रूप | अर्थ |
|---|---|---|
| लट् | भवति | होता है |
| लिट् | बभूव | हुआ था (दूर) |
| लुट् | भविता | होगा (निश्चित) |
| लृट् | भविष्यति | होगा (सामान्य) |
| लोट् | भवतु | हो! (आज्ञा) |
| लङ् | अभवत् | हुआ (कल) |
| विधिलिङ् | भवेत् | हो (चाहिए/सम्भावना) |
| आशीर्लिङ् | भूयात् | हो! (आशीर्वाद) |
| लुङ् | अभूत् | हुआ (सामान्य) |
| लृङ् | अभविष्यत् | होता (यदि… तो) |
तीन काल-समूह
भूतकाल (3 लकार)
| लकार | विशेषता | चिह्न | उदाहरण |
|---|---|---|---|
| लङ् | अनद्यतन (कल से पहले) | अ- augment | अभवत् |
| लुङ् | सामान्य/अनिश्चित | अ- augment + विशेष | अभूत् |
| लिट् | परोक्ष (दूर, अदृष्ट) | द्वित्व (reduplication) | बभूव |
भविष्यत् काल (2 लकार)
| लकार | विशेषता | चिह्न | उदाहरण |
|---|---|---|---|
| लृट् | सामान्य भविष्यत् | -ष्य- | भविष्यति |
| लुट् | निश्चित/अनद्यतन | तृ + अस् | भविता |
वर्तमान काल (1 लकार)
| लकार | विशेषता | उदाहरण |
|---|---|---|
| लट् | वर्तमान | भवति |
अर्थबोधक/Mood (4 लकार)
| लकार | अर्थ | उदाहरण |
|---|---|---|
| लोट् | आज्ञा/अनुरोध | भवतु |
| विधिलिङ् | चाहिए/सम्भावना | भवेत् |
| आशीर्लिङ् | आशीर्वाद | भूयात् |
| लृङ् | अपूर्ण शर्त | अभविष्यत् |
लृङ् लकार — संक्षिप्त परिचय
लृङ् एकमात्र ऐसा लकार है जो अभी तक विस्तार से नहीं पढ़ा गया:
लृङ् = Conditional — “यदि ऐसा होता तो ऐसा होता” (unfulfilled condition)
बनावट: अ-augment + लृट् जैसे प्रत्यय (-ष्य-)
| धातु | लृट् | लृङ् |
|---|---|---|
| भू | भविष्यति | अभविष्यत् |
| गम् | गमिष्यति | अगमिष्यत् |
यदि रामः अगमिष्यत् तर्हि सीता अत्रागमिष्यत् (यदि राम गया होता तो सीता यहाँ आई होती)।
प्रायोगिक महत्त्व — कौन-से लकार सबसे अधिक प्रयुक्त?
| प्रयोग-स्तर | लकार |
|---|---|
| अत्यधिक | लट् (वर्तमान), लङ् (भूत), लृट् (भविष्यत्), लोट् (आज्ञा) |
| सामान्य | विधिलिङ् (चाहिए), लिट् (कथा-वर्णन) |
| दुर्लभ | लुङ् (मा + लुङ् = निषेध), लुट्, आशीर्लिङ्, लृङ् |
याद रखने की विधि
लट् लिट् लुट् लृट् लोट् लङ् — इन छह में ‘ल’ + एक मात्रा/अक्षर।
फिर विधिलिङ्, आशीर्लिङ्, लुङ्, लृङ्।
सूत्र: “लट लिट लुट लृट लोट लङ् — विधिलिङ् आशीर्लिङ् लुङ् लृङ्”
याद रखें
- 10 लकार = 3 भूत + 2 भविष्यत् + 1 वर्तमान + 4 mood
- सबसे अधिक प्रयुक्त: लट्, लङ्, लृट्, लोट् — इन चार से 90% काम होता है
- भू धातु के सभी रूप जानना = सम्पूर्ण लकार-व्यवस्था समझना
- पहचानना महत्त्वपूर्ण है, सभी रूप रटना नहीं
- आगे पढ़ते रहें — अभ्यास से सभी लकार स्वाभाविक हो जाएँगे
अभ्यास
प्रश्न 1 / 70 सही
संस्कृत में कुल कितने लकार हैं?