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दश लकार पुनरावलोकन

अनुमानित समय: 20 मिनट

दश लकार — सम्पूर्ण पुनरावलोकन

संस्कृत में कुल 10 लकार (verbal moods/tenses) हैं। इस पाठ में हम सभी 10 लकारों का संक्षिप्त पुनरावलोकन करेंगे।

सम्पूर्ण सारणी

क्रमलकारहिन्दी नामEnglishप्रयोग
1लट्वर्तमानPresentवर्तमान काल
2लिट्परोक्ष भूतPerfectदूर का भूत (अदृष्ट)
3लुट्अनद्यतन भविष्यत्Periphrastic Futureनिश्चित भविष्य
4लृट्सामान्य भविष्यत्Simple Futureसामान्य भविष्य
5लोट्आज्ञार्थImperativeआज्ञा, अनुरोध, प्रार्थना
6लङ्अनद्यतन भूतImperfectआज से पहले का भूत
7विधिलिङ्सम्भावनाOptative/Potentialचाहिए, सम्भावना
8आशीर्लिङ्आशीर्वादBenedictiveशुभकामना, आशीर्वाद
9लुङ्सामान्य भूतAoristअनिश्चित भूतकाल
10लृङ्हेतुबोधक भविष्यत्Conditionalअपूर्ण शर्त

भू धातु — सभी 10 लकारों में (प्र.पु.ए.)

लकाररूपअर्थ
लट्भवतिहोता है
लिट्बभूवहुआ था (दूर)
लुट्भविताहोगा (निश्चित)
लृट्भविष्यतिहोगा (सामान्य)
लोट्भवतुहो! (आज्ञा)
लङ्अभवत्हुआ (कल)
विधिलिङ्भवेत्हो (चाहिए/सम्भावना)
आशीर्लिङ्भूयात्हो! (आशीर्वाद)
लुङ्अभूत्हुआ (सामान्य)
लृङ्अभविष्यत्होता (यदि… तो)

तीन काल-समूह

भूतकाल (3 लकार)

लकारविशेषताचिह्नउदाहरण
लङ्अनद्यतन (कल से पहले)अ- augmentअभवत्
लुङ्सामान्य/अनिश्चितअ- augment + विशेषअभूत्
लिट्परोक्ष (दूर, अदृष्ट)द्वित्व (reduplication)बभूव

भविष्यत् काल (2 लकार)

लकारविशेषताचिह्नउदाहरण
लृट्सामान्य भविष्यत्-ष्य-भविष्यति
लुट्निश्चित/अनद्यतनतृ + अस्भविता

वर्तमान काल (1 लकार)

लकारविशेषताउदाहरण
लट्वर्तमानभवति

अर्थबोधक/Mood (4 लकार)

लकारअर्थउदाहरण
लोट्आज्ञा/अनुरोधभवतु
विधिलिङ्चाहिए/सम्भावनाभवेत्
आशीर्लिङ्आशीर्वादभूयात्
लृङ्अपूर्ण शर्तअभविष्यत्

लृङ् लकार — संक्षिप्त परिचय

लृङ् एकमात्र ऐसा लकार है जो अभी तक विस्तार से नहीं पढ़ा गया:

लृङ् = Conditional — “यदि ऐसा होता तो ऐसा होता” (unfulfilled condition)

बनावट: अ-augment + लृट् जैसे प्रत्यय (-ष्य-)

धातुलृट्लृङ्
भूभविष्यतिभविष्यत्
गम्गमिष्यतिगमिष्यत्

यदि रामः अगमिष्यत् तर्हि सीता अत्रागमिष्यत् (यदि राम गया होता तो सीता यहाँ आई होती)।

प्रायोगिक महत्त्व — कौन-से लकार सबसे अधिक प्रयुक्त?

प्रयोग-स्तरलकार
अत्यधिकलट् (वर्तमान), लङ् (भूत), लृट् (भविष्यत्), लोट् (आज्ञा)
सामान्यविधिलिङ् (चाहिए), लिट् (कथा-वर्णन)
दुर्लभलुङ् (मा + लुङ् = निषेध), लुट्, आशीर्लिङ्, लृङ्

याद रखने की विधि

ट् लिट् लुट् लृट् लोट् ङ् — इन छह में ‘ल’ + एक मात्रा/अक्षर।

फिर विधिलिङ्, आशीर्लिङ्, लुङ्, लृङ्

सूत्र: “लट लिट लुट लृट लोट लङ् — विधिलिङ् आशीर्लिङ् लुङ् लृङ्”

याद रखें

  1. 10 लकार = 3 भूत + 2 भविष्यत् + 1 वर्तमान + 4 mood
  2. सबसे अधिक प्रयुक्त: लट्, लङ्, लृट्, लोट् — इन चार से 90% काम होता है
  3. भू धातु के सभी रूप जानना = सम्पूर्ण लकार-व्यवस्था समझना
  4. पहचानना महत्त्वपूर्ण है, सभी रूप रटना नहीं
  5. आगे पढ़ते रहें — अभ्यास से सभी लकार स्वाभाविक हो जाएँगे

अभ्यास

प्रश्न 1 / 70 सही

संस्कृत में कुल कितने लकार हैं?