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शर्तवाचक — यदि...तर्हि

अनुमानित समय: 15 मिनट

शर्तवाचक वाक्य — यदि…तर्हि

शर्तवाचक (conditional) वाक्य “यदि…तो…” (if…then…) की संरचना रखते हैं।

मूल संरचना

यदि [शर्त], तर्हि [फल]। (if [condition], then [result].)

शर्तवाचक शब्द

शर्त (if)फल (then)
यदितर्हि / तदा / ततः
चेत्तर्हि / (कोई नहीं)

तीन प्रकार की शर्तें

1. वास्तविक शर्त (Real/Open Condition) — लट् लकार

जो शर्त सत्य हो सकती है — सामान्य/तथ्यात्मक कथन:

यदि सः पठति, तर्हि सः जानाति

अनुवाद: यदि वह पढ़ता है, तो वह जानता है।

उदाहरणअनुवाद
यदि वर्षा भवति तर्हि शस्यानि वर्धन्तेयदि वर्षा होती है तो फसलें बढ़ती हैं
यदि त्वं गच्छसि तर्हि अहम् अपि गच्छामियदि तू जाता है तो मैं भी जाता हूँ

2. सम्भावित/काल्पनिक शर्त (Hypothetical) — विधिलिङ्

जो शर्त हो सकती है — कल्पना/सम्भावना:

यदि सः पठेत्, तर्हि उत्तीर्णः भवेत्

अनुवाद: यदि वह पढ़े, तो उत्तीर्ण हो (जाए)।

उदाहरणअनुवाद
यदि धनं लभेत तर्हि सुखी भवेत्यदि धन मिले तो सुखी हो जाए
यदि त्वं वदेः तर्हि अहं श्रुणुयाम्यदि तू बोले तो मैं सुनूँ

3. अपूर्ण शर्त (Unfulfilled/Counterfactual) — लृङ् लकार

जो शर्त पूरी नहीं हुई — “होता तो… पर हुआ नहीं”:

यदि सः अपठिष्यत्, तर्हि उत्तीर्णः अभविष्यत्

अनुवाद: यदि वह पढ़ता (पर पढ़ा नहीं), तो उत्तीर्ण होता (पर हुआ नहीं)।

उदाहरणअनुवाद
यदि रामः अगमिष्यत् तर्हि सीता अपि अगमिष्यत्यदि राम गया होता तो सीता भी गई होती

लृङ् लकार दुर्लभ है — व्यावहारिक संस्कृत में विधिलिङ् से ही काम चलाया जाता है।

चेत् — यदि का वैकल्पिक रूप

चेत् = यदि (if), लेकिन दूसरे स्थान पर आता है:

यदि सः पठति → सः चेत् पठति (दोनों समान)

‘यदि’ से’चेत्’ से
यदि त्वं गच्छसित्वं चेत् गच्छसि
यदि धर्मः अस्तिधर्मः चेत् अस्ति

यद्यपि…तथापि — Concessive (यद्यपि…फिर भी)

यह शर्त नहीं, रियायत (concession) है — “भले ही…फिर भी”:

यद्यपि सः दरिद्रः, तथापि सन्तुष्टः।

अनुवाद: भले ही वह गरीब है, फिर भी सन्तुष्ट है।

उदाहरणअनुवाद
यद्यपि कठिनम् तथापि कर्तव्यम्भले ही कठिन है फिर भी करना चाहिए
यद्यपि सः बालकः तथापि बुद्धिमान्भले ही वह बालक है फिर भी बुद्धिमान् है

साहित्यिक उदाहरण

यदि मां निहतं सङ्ख्ये… तस्माद् युध्यस्व भारत। (गीता सन्दर्भ)

विनाशकाले विपरीतबुद्धिः — यदि विनाश का काल आ जाए तो बुद्धि विपरीत हो जाती है।

याद रखें

  1. यदि…तर्हि = if…then — संस्कृत का मूल conditional
  2. तीन प्रकार: वास्तविक (लट्), सम्भावित (विधिलिङ्), अपूर्ण (लृङ्)
  3. चेत् = यदि का विकल्प — दूसरे स्थान पर
  4. यद्यपि…तथापि = although…still (concessive, शर्त नहीं)
  5. व्यवहार में विधिलिङ् सबसे अधिक प्रयुक्त — लृङ् दुर्लभ

अभ्यास

प्रश्न 1 / 60 सही

'यदि सः पठेत् तर्हि सः उत्तीर्णः भवेत्' — यह कौन-सी शर्त है?