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ठक्, ठञ् आदि — अन्य तद्धित

अनुमानित समय: 15 मिनट

ठक्, ठञ् आदि — अन्य तद्धित प्रत्यय

इस पाठ में हम कुछ और महत्त्वपूर्ण तद्धित प्रत्ययों का अध्ययन करेंगे और सभी तद्धित प्रत्ययों का सारांश देखेंगे।

1. ठक् प्रत्यय (= इक)

अर्थ: “X से सम्बन्धित” (relating to)

मूल शब्द में वृद्धि होती है:

मूल शब्दअर्थठक् रूपअर्थ
वेदवेदवैदिकःवेद सम्बन्धी (Vedic)
इतिहासइतिहासऐतिहासिकःइतिहास सम्बन्धी (historical)
व्याकरणव्याकरणवैयाकरणःव्याकरण सम्बन्धी (grammarian)
नीतिनीतिनैतिकःनीति सम्बन्धी (ethical)
प्रकृतिप्रकृतिप्राकृतिकःप्रकृति सम्बन्धी (natural)
भारतभारतभारतीयःभारत सम्बन्धी (Indian)

ध्यान दें: वृद्धि — ए→ऐ (वेद→वैदिक), इ→ऐ (इतिहास→ऐतिहासिक)

2. छ प्रत्यय (= ईय)

अर्थ: “X से सम्बन्धित” (ठक् के समान)

मूल शब्दछ रूपअर्थ
शास्त्रशास्त्रीयम्शास्त्र सम्बन्धी (scholarly)
राष्ट्रराष्ट्रीयम्राष्ट्र सम्बन्धी (national)
मानसमानसीयम्मानस सम्बन्धी (mental)
भवभवदीयम्आपसे सम्बन्धित (yours)

3. मयट् प्रत्यय (= मय)

अर्थ: “X से बना हुआ” (made of)

मूल शब्दअर्थमयट् रूपअर्थ
सुवर्णसोनासुवर्णमयःसोने का बना
मृत्तिकामिट्टीमृण्मयःमिट्टी का बना
काष्ठलकड़ीकाष्ठमयःलकड़ी का बना
आनन्दआनन्दआनन्दमयःआनन्द से परिपूर्ण
चित्चेतनाचिन्मयःचेतना से परिपूर्ण
ज्ञानज्ञानज्ञानमयःज्ञान से परिपूर्ण

विशेष: आनन्दमय, चिन्मय, ज्ञानमय — ये दार्शनिक/आध्यात्मिक सन्दर्भ में ‘से परिपूर्ण’ अर्थ में भी प्रयुक्त।

4. इन् प्रत्यय

अर्थ: “X वाला” (having) — मतुप्/वत् के समान

मूल शब्दइन् रूपप्रथमा (पुल्लिंग)अर्थ
धनधनिन्धनीधनवान्
गुणगुणिन्गुणीगुणवान्
पापपापिन्पापीपापवान्
रोगरोगिन्रोगीरोगवान्
योगयोगिन्योगीयोग करने वाला
ज्ञानज्ञानिन्ज्ञानीज्ञानवान्

ये -इन् प्रातिपदिक हैं। प्रथमा पुल्लिंग = -ई।

सम्पूर्ण तद्धित सारांश

प्रत्ययकार्यअर्थउदाहरण
अण्, इञ्अपत्यवंशज/सन्तानदाशरथिः, वासुदेवः
मतुप्, वत्स्वामित्वX वालाधनवान्, बुद्धिमान्
इन्स्वामित्वX वालाधनी, योगी, ज्ञानी
त्वभाववाचकX होने का भाव (नपुंसक)मनुष्यत्वम्, गुरुत्वम्
तल्भाववाचकX होने का भाव (स्त्रीलिंग)लघुता, सुन्दरता
ठक् (इक)सम्बन्धX से सम्बन्धितवैदिकः, नैतिकः
छ (ईय)सम्बन्धX से सम्बन्धितशास्त्रीयम्, राष्ट्रीयम्
मयट् (मय)निर्मितX से बना / परिपूर्णसुवर्णमयः, आनन्दमयः

वाक्यों में प्रयोग

वैदिकं ज्ञानं प्राचीनं शाश्वतं च। वैदिक ज्ञान प्राचीन और शाश्वत है।

सुवर्णमयं मुकुटं राजा धारयति। राजा सोने का मुकुट धारण करता है।

योगी शान्तिं लभते। योगी शान्ति प्राप्त करता है।

आनन्दमयं जीवनं सर्वेषां लक्ष्यम्। आनन्दमय जीवन सबका लक्ष्य है।

नैतिकः आचारः समाजस्य आधारः। नैतिक आचार समाज का आधार है।

हिन्दी में तद्धित शब्द

अनेक हिन्दी शब्द सीधे संस्कृत तद्धित से आए हैं:

संस्कृतहिन्दीEnglish
वैदिकःवैदिकVedic
शास्त्रीयम्शास्त्रीयclassical/scientific
धनीधनीwealthy
मनुष्यत्वम्मनुष्यत्वhumanity
सुन्दरतासुन्दरताbeauty
सुवर्णमयःस्वर्णमयgolden

याद रखें

  1. ठक् (इक) / छ (ईय) = “X से सम्बन्धित” (वैदिक, शास्त्रीय)
  2. मयट् (मय) = “X से बना / परिपूर्ण” (सुवर्णमय, आनन्दमय)
  3. इन् = “X वाला” (धनी, योगी, ज्ञानी)
  4. तद्धित प्रत्यय संज्ञा/विशेषण में लगते हैं (धातु में नहीं)
  5. हिन्दी के अनेक शब्द सीधे संस्कृत तद्धित से आए हैं

अभ्यास

प्रश्न 1 / 70 सही

ठक् (= इक) प्रत्यय किस अर्थ में प्रयुक्त होता है?