ठक्, ठञ् आदि — अन्य तद्धित
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ठक्, ठञ् आदि — अन्य तद्धित प्रत्यय
इस पाठ में हम कुछ और महत्त्वपूर्ण तद्धित प्रत्ययों का अध्ययन करेंगे और सभी तद्धित प्रत्ययों का सारांश देखेंगे।
1. ठक् प्रत्यय (= इक)
अर्थ: “X से सम्बन्धित” (relating to)
मूल शब्द में वृद्धि होती है:
| मूल शब्द | अर्थ | ठक् रूप | अर्थ |
|---|---|---|---|
| वेद | वेद | वैदिकः | वेद सम्बन्धी (Vedic) |
| इतिहास | इतिहास | ऐतिहासिकः | इतिहास सम्बन्धी (historical) |
| व्याकरण | व्याकरण | वैयाकरणः | व्याकरण सम्बन्धी (grammarian) |
| नीति | नीति | नैतिकः | नीति सम्बन्धी (ethical) |
| प्रकृति | प्रकृति | प्राकृतिकः | प्रकृति सम्बन्धी (natural) |
| भारत | भारत | भारतीयः | भारत सम्बन्धी (Indian) |
ध्यान दें: वृद्धि — ए→ऐ (वेद→वैदिक), इ→ऐ (इतिहास→ऐतिहासिक)
2. छ प्रत्यय (= ईय)
अर्थ: “X से सम्बन्धित” (ठक् के समान)
| मूल शब्द | छ रूप | अर्थ |
|---|---|---|
| शास्त्र | शास्त्रीयम् | शास्त्र सम्बन्धी (scholarly) |
| राष्ट्र | राष्ट्रीयम् | राष्ट्र सम्बन्धी (national) |
| मानस | मानसीयम् | मानस सम्बन्धी (mental) |
| भव | भवदीयम् | आपसे सम्बन्धित (yours) |
3. मयट् प्रत्यय (= मय)
अर्थ: “X से बना हुआ” (made of)
| मूल शब्द | अर्थ | मयट् रूप | अर्थ |
|---|---|---|---|
| सुवर्ण | सोना | सुवर्णमयः | सोने का बना |
| मृत्तिका | मिट्टी | मृण्मयः | मिट्टी का बना |
| काष्ठ | लकड़ी | काष्ठमयः | लकड़ी का बना |
| आनन्द | आनन्द | आनन्दमयः | आनन्द से परिपूर्ण |
| चित् | चेतना | चिन्मयः | चेतना से परिपूर्ण |
| ज्ञान | ज्ञान | ज्ञानमयः | ज्ञान से परिपूर्ण |
विशेष: आनन्दमय, चिन्मय, ज्ञानमय — ये दार्शनिक/आध्यात्मिक सन्दर्भ में ‘से परिपूर्ण’ अर्थ में भी प्रयुक्त।
4. इन् प्रत्यय
अर्थ: “X वाला” (having) — मतुप्/वत् के समान
| मूल शब्द | इन् रूप | प्रथमा (पुल्लिंग) | अर्थ |
|---|---|---|---|
| धन | धनिन् | धनी | धनवान् |
| गुण | गुणिन् | गुणी | गुणवान् |
| पाप | पापिन् | पापी | पापवान् |
| रोग | रोगिन् | रोगी | रोगवान् |
| योग | योगिन् | योगी | योग करने वाला |
| ज्ञान | ज्ञानिन् | ज्ञानी | ज्ञानवान् |
ये -इन् प्रातिपदिक हैं। प्रथमा पुल्लिंग = -ई।
सम्पूर्ण तद्धित सारांश
| प्रत्यय | कार्य | अर्थ | उदाहरण |
|---|---|---|---|
| अण्, इञ् | अपत्य | वंशज/सन्तान | दाशरथिः, वासुदेवः |
| मतुप्, वत् | स्वामित्व | X वाला | धनवान्, बुद्धिमान् |
| इन् | स्वामित्व | X वाला | धनी, योगी, ज्ञानी |
| त्व | भाववाचक | X होने का भाव (नपुंसक) | मनुष्यत्वम्, गुरुत्वम् |
| तल् | भाववाचक | X होने का भाव (स्त्रीलिंग) | लघुता, सुन्दरता |
| ठक् (इक) | सम्बन्ध | X से सम्बन्धित | वैदिकः, नैतिकः |
| छ (ईय) | सम्बन्ध | X से सम्बन्धित | शास्त्रीयम्, राष्ट्रीयम् |
| मयट् (मय) | निर्मित | X से बना / परिपूर्ण | सुवर्णमयः, आनन्दमयः |
वाक्यों में प्रयोग
वैदिकं ज्ञानं प्राचीनं शाश्वतं च। वैदिक ज्ञान प्राचीन और शाश्वत है।
सुवर्णमयं मुकुटं राजा धारयति। राजा सोने का मुकुट धारण करता है।
योगी शान्तिं लभते। योगी शान्ति प्राप्त करता है।
आनन्दमयं जीवनं सर्वेषां लक्ष्यम्। आनन्दमय जीवन सबका लक्ष्य है।
नैतिकः आचारः समाजस्य आधारः। नैतिक आचार समाज का आधार है।
हिन्दी में तद्धित शब्द
अनेक हिन्दी शब्द सीधे संस्कृत तद्धित से आए हैं:
| संस्कृत | हिन्दी | English |
|---|---|---|
| वैदिकः | वैदिक | Vedic |
| शास्त्रीयम् | शास्त्रीय | classical/scientific |
| धनी | धनी | wealthy |
| मनुष्यत्वम् | मनुष्यत्व | humanity |
| सुन्दरता | सुन्दरता | beauty |
| सुवर्णमयः | स्वर्णमय | golden |
याद रखें
- ठक् (इक) / छ (ईय) = “X से सम्बन्धित” (वैदिक, शास्त्रीय)
- मयट् (मय) = “X से बना / परिपूर्ण” (सुवर्णमय, आनन्दमय)
- इन् = “X वाला” (धनी, योगी, ज्ञानी)
- तद्धित प्रत्यय संज्ञा/विशेषण में लगते हैं (धातु में नहीं)
- हिन्दी के अनेक शब्द सीधे संस्कृत तद्धित से आए हैं
अभ्यास
ठक् (= इक) प्रत्यय किस अर्थ में प्रयुक्त होता है?