शब्दकोश
संस्कृत व्याकरण में प्रयुक्त शब्दों की परिभाषा
व्याकरण शब्दावली
- व्याकरणम् व्याकरण Grammar
- भाषा के नियमों का शास्त्र।
- स्वरः स्वर Vowel
- बिना किसी अन्य वर्ण की सहायता से उच्चारित वर्ण — अ, आ, इ, ई आदि। पाठ देखें →
- व्यञ्जनम् व्यञ्जन Consonant
- स्वर की सहायता से उच्चारित वर्ण — क, ख, ग आदि। पाठ देखें →
- ह्रस्वः ह्रस्व Short (vowel)
- एक मात्रा वाला स्वर — अ, इ, उ, ऋ, ऌ। पाठ देखें →
- दीर्घः दीर्घ Long (vowel)
- दो मात्रा वाला स्वर — आ, ई, ऊ, ॠ। पाठ देखें →
- वर्गः वर्ग Class (consonant group)
- स्पर्श व्यञ्जनों का समूह — क-वर्ग, च-वर्ग आदि। पाठ देखें →
- विसर्गः विसर्ग Visarga
- शब्द के अन्त में आने वाली हल्की श्वास-ध्वनि (ः)। पाठ देखें →
- अनुस्वारः अनुस्वार Anusvara
- म् का स्थानापन्न (ं), व्यञ्जन से पहले प्रयुक्त। पाठ देखें →
- उपसर्गः उपसर्ग Prefix
- धातु के पहले लगने वाला शब्दांश — आ, प्र, उप, सम् आदि। पाठ देखें →
- अव्ययम् अव्यय Indeclinable
- जिसके रूप नहीं बदलते — न, च, अपि, तत्र, कुत्र आदि।
- प्रत्ययः प्रत्यय Suffix
- शब्द या धातु के बाद लगने वाला अंश — -ति, -सि, -मि आदि।
- प्रातिपदिकम् प्रातिपदिक Noun stem
- शब्द का मूल रूप, विभक्ति लगने से पहले — राम, नर, बालक।
- वचनम् वचन Number
- एकवचन (1), द्विवचन (2), बहुवचन (2+)।
- पुरुषः पुरुष Person
- प्रथम (वह), मध्यम (तू), उत्तम (मैं)।
- लकारः लकार Tense/Mood
- क्रिया के काल और भाव को दर्शाने वाला प्रत्यय-समूह।
- गणः गण Conjugation class
- धातुओं का वर्गीकरण — भ्वादि (1st), अदादि (2nd) आदि। पाठ देखें →
विभक्ति एवं कारक
- विभक्तिः विभक्ति Case ending
- शब्द के रूप-परिवर्तन जो वाक्य में भूमिका बताते हैं। पाठ देखें →
- कारकम् कारक Case role
- क्रिया से सम्बन्धित शब्द की भूमिका — कर्ता, कर्म, करण आदि। पाठ देखें →
- प्रथमा प्रथमा विभक्ति Nominative
- कर्ता (—ने) — रामः गच्छति। पाठ देखें →
- द्वितीया द्वितीया विभक्ति Accusative
- कर्म (—को) — रामम् पश्य। पाठ देखें →
- तृतीया तृतीया विभक्ति Instrumental
- करण (—से/द्वारा) — रामेण कृतम्। पाठ देखें →
- चतुर्थी चतुर्थी विभक्ति Dative
- सम्प्रदान (—के लिए) — रामाय फलम्। पाठ देखें →
- पञ्चमी पञ्चमी विभक्ति Ablative
- अपादान (—से, अलग होना) — रामात् आगच्छति। पाठ देखें →
- षष्ठी षष्ठी विभक्ति Genitive
- सम्बन्ध (—का/के/की) — रामस्य गृहम्। पाठ देखें →
- सप्तमी सप्तमी विभक्ति Locative
- अधिकरण (—में/पर) — रामे विश्वासः। पाठ देखें →
- सम्बोधनम् सम्बोधन Vocative
- पुकारना — हे राम! पाठ देखें →
धातु एवं क्रिया
- धातुः धातु Verb root
- क्रिया का मूल रूप — गम्, पठ्, भू आदि। पाठ देखें →
- लट् लकारः लट् लकार Present tense
- वर्तमान काल — गच्छति (वह जाता है)। पाठ देखें →
- लृट् लकारः लृट् लकार Future tense
- भविष्यत् काल — गमिष्यति (वह जाएगा)। पाठ देखें →
- गम् गम् धातु gam (to go)
- जाना। लट्: गच्छति। लृट्: गमिष्यति। पाठ देखें →
- पठ् पठ् धातु paṭh (to read)
- पढ़ना। लट्: पठति। लृट्: पठिष्यति। पाठ देखें →
- भू भू धातु bhū (to be)
- होना। लट्: भवति। लृट्: भविष्यति। पाठ देखें →
- नय् नय् धातु nay (to carry)
- ले जाना। लट्: नयति। लृट्: नेष्यति। पाठ देखें →
- भक्षय् भक्षय् धातु bhakṣay (to eat)
- खाना। लट्: भक्षयति। लृट्: भक्षयिष्यति। पाठ देखें →
सन्धि
- सन्धिः सन्धि Sandhi (joining)
- दो वर्णों के निकट आने पर होने वाला ध्वनि-परिवर्तन। पाठ देखें →
- स्वरसन्धिः स्वर सन्धि Vowel sandhi
- दो स्वरों के मेल से होने वाली सन्धि। पाठ देखें →
- व्यञ्जनसन्धिः व्यञ्जन सन्धि Consonant sandhi
- व्यञ्जन + स्वर/व्यञ्जन के मेल से होने वाली सन्धि। पाठ देखें →
- सवर्णदीर्घः सवर्ण दीर्घ Savarna Dirgha
- समान स्वर मिलें → दीर्घ — अ+अ=आ, इ+इ=ई। पाठ देखें →
- गुणः गुण सन्धि Guna sandhi
- अ/आ + इ/ई=ए, अ/आ + उ/ऊ=ओ। पाठ देखें →
- वृद्धिः वृद्धि सन्धि Vriddhi sandhi
- अ/आ + ए/ऐ=ऐ, अ/आ + ओ/औ=औ। पाठ देखें →
- जश्त्वम् जश्त्व Jashtva (voicing)
- अघोष + घोष/स्वर → घोष — क→ग, त→द। पाठ देखें →
सामान्य शब्द
- सर्वनाम सर्वनाम Pronoun
- संज्ञा के स्थान पर प्रयुक्त शब्द — अहम्, त्वम्, सः। पाठ देखें →
- शब्दरूपम् शब्द रूप Declension table
- किसी शब्द के सभी विभक्ति-वचन रूपों की सारणी। पाठ देखें →
- धातुरूपम् धातु रूप Conjugation table
- किसी धातु के सभी पुरुष-वचन रूपों की सारणी। पाठ देखें →