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इस मॉड्यूल के पाठ

नय् और आनय् — ले जाना और लाना

अनुमानित समय: 15 मिनट

नय् धातु — ले जाना

नय् धातु का अर्थ है ‘ले जाना’ (to carry/take):

सर्वनामपुरुषवर्तमान (लट्)अर्थभविष्यत् (लृट्)अर्थ
सःप्रथम पुरुषनयतिवह ले जाता हैनेष्यतिवह ले जाएगा
त्वम्मध्यम पुरुषनयसितू ले जाता हैनेष्यसितू ले जाएगा
अहम्उत्तम पुरुषनयामिमैं ले जाता हूँनेष्यामिमैं ले जाऊँगा

ध्यान दें — भविष्यत् में नय्नेष्य- हो जाता है (गम् → गमिष्य- की तरह)।

आनय् धातु — लाना

जैसे आ + गम् = आगम् (आना), वैसे ही आ + नय् = आनय् (लाना):

सर्वनामपुरुषवर्तमान (लट्)अर्थभविष्यत् (लृट्)अर्थ
सःप्रथम पुरुषआनयतिवह लाता हैआनेष्यतिवह लाएगा
त्वम्मध्यम पुरुषआनयसितू लाता हैआनेष्यसितू लाएगा
अहम्उत्तम पुरुषआनयामिमैं लाता हूँआनेष्यामिमैं लाऊँगा

नये शब्द — वस्तुएँ

शब्दअर्थ
जलम्जल / पानी
पुष्पम्फूल
पुस्तकम्पुस्तक
लेखनीकलम
वस्त्रम्कपड़ा
उत्तरीयम्दुपट्टा
अपूपम्पूड़ा
सूपम्दाल
नवीनम्नया
पुराणम्पुराना
सर्वम्सब

अभ्यास वाक्य

अब तक सीखी सभी धातुओं (गम्, आगम्, भक्षय्, नय्, आनय्) का प्रयोग करें:

संस्कृतअर्थ
सः फलं नयतिवह फल ले जाता है
अहम् आम्रम् आनयामिमैं आम लाता हूँ
त्वम् अन्नम् आनेष्यसि किम्?तू अन्न लाएगा क्या?
अहं जलम् आनयामिमैं जल लाता हूँ
त्वं पुष्पम् आनयसितू फूल लाता है
सः वस्त्रं तत्र नयतिवह कपड़ा वहाँ ले जाता है
सः सदा नगरं गच्छति पुस्तकं च आनयतिवह सदा नगर जाता है और पुस्तक लाता है
सः अद्य आगमिष्यति वस्त्रं च नेष्यतिवह आज आएगा और कपड़ा ले जाएगा
अहं गृहं गमिष्यामि सूपं च भक्षयिष्यामिमैं घर जाऊँगा और दाल खाऊँगा

विभक्ति परिचय

ऊपर के वाक्यों में फलम्, जलम्, पुस्तकम् जैसे शब्दों में -म् लगा है। यह द्वितीया विभक्ति (कर्म कारक) का चिह्न है — ‘को’ के अर्थ में।

संस्कृत में शब्द के रूप वाक्य में उसकी भूमिका बताते हैं। इसे विभक्ति कहते हैं। कुल 7 विभक्तियाँ + सम्बोधन होते हैं।

विभक्तियों का विस्तृत अध्ययन राम शब्द रूप पाठ में है — वहाँ सभी 7 विभक्तियों के रूप और उनके अर्थ विस्तार से दिए गए हैं।

मूल पाठ में प्रयोग

इन वाक्यों को पढ़ें — यहाँ केवल वही व्याकरण प्रयुक्त है जो अब तक सीखा है:

अहं नगरं गमिष्यामि पुस्तकं च आनेष्यामि। सः गृहम् अन्नं नेष्यति।

शब्दअर्थव्याकरण
अहम्मैंउत्तम पुरुष सर्वनाम
नगरम्नगर कोद्वितीया विभक्ति
गमिष्यामि(मैं) जाऊँगागम् धातु, लृट्, उत्तम पुरुष
पुस्तकम्पुस्तक कोद्वितीया विभक्ति
औरसमुच्चयबोधक अव्यय
आनेष्यामि(मैं) लाऊँगाआनय् धातु, लृट्, उत्तम पुरुष
सःवहप्रथम पुरुष सर्वनाम
गृहम्घर कोद्वितीया विभक्ति
अन्नम्अन्न कोद्वितीया विभक्ति
नेष्यति(वह) ले जाएगानय् धातु, लृट्, प्रथम पुरुष

अन्वय: अहम् नगरम् गमिष्यामि पुस्तकम् च आनेष्यामि। सः गृहम् अन्नम् नेष्यति।

अनुवाद: मैं नगर जाऊँगा और पुस्तक लाऊँगा। वह घर को अन्न ले जाएगा।

याद रखें

  1. नय् = ले जाना, आनय् = लाना — ‘आ’ उपसर्ग दिशा उलटता है
  2. भविष्यत् में नय् → नेष्य-, आनय् → आनेष्य-
  3. कर्म (जिसे ले जाएँ/लाएँ) में -म् प्रत्यय लगता है (द्वितीया विभक्ति)
  4. अब तक 5 धातुएँ: गम् (जाना), आगम् (आना), भक्षय् (खाना), नय् (ले जाना), आनय् (लाना)

अभ्यास

प्रश्न 1 / 90 सही

'नयति' और 'आनयति' में क्या अन्तर है?