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इस मॉड्यूल के पाठ

विभक्ति परिचय — संस्कृत में शब्द-रूप क्यों?

अनुमानित समय: 15 मिनट

संस्कृत में विभक्ति क्यों?

हिन्दी में वाक्य में शब्द की भूमिका बताने के लिए परसर्ग (postposition) लगाते हैं:

  • राम ने फल खाया (कर्ता)
  • राम को बुलाओ (कर्म)
  • राम से पूछो (करण)
  • राम के लिए लाओ (सम्प्रदान)

संस्कृत में ये ‘ने’, ‘को’, ‘से’ नहीं लगते — शब्द का रूप ही बदल जाता है:

  • रामः फलं भक्षयति (राम ने फल खाया)
  • रामम् आह्वय (राम को बुलाओ)
  • रामेण पृच्छ (राम से पूछो)
  • रामाय आनय (राम के लिए लाओ)

इसी रूप-परिवर्तन को विभक्ति कहते हैं।

आठ विभक्तियाँ

विभक्तिकारकहिन्दी परसर्गसंस्कृत (राम)
प्रथमाकर्ता—नेरामः
द्वितीयाकर्म—कोरामम्
तृतीयाकरण—से/द्वारारामेण
चतुर्थीसम्प्रदान—के लिएरामाय
पञ्चमीअपादान—से (अलग होना)रामात्
षष्ठीसम्बन्ध—का/के/कीरामस्य
सप्तमीअधिकरण—में/पररामे
सम्बोधन(पुकारना)हे!हे राम!

तीन वचन

हिन्दी में 2 वचन होते हैं (एकवचन, बहुवचन)। संस्कृत में 3 हैं:

वचनअर्थउदाहरण
एकवचन1रामः (एक राम)
द्विवचन2रामौ (दो राम)
बहुवचन2 से अधिकरामाः (अनेक राम)

हिन्दी बनाम संस्कृत — तुलना

हिन्दीसंस्कृतविभक्ति
राम ने खायारामः भक्षयतिप्रथमा
राम को देखोरामम् पश्यद्वितीया
राम से/द्वारारामेण कृतम्तृतीया
राम के लिएरामाय फलम्चतुर्थी
राम से (अलग)रामात् आगच्छतिपञ्चमी
राम का घररामस्य गृहम्षष्ठी
राम में विश्वासरामे विश्वासःसप्तमी

ध्यान दें — हिन्दी में अलग शब्द (‘ने’, ‘को’, ‘से’) लगते हैं, संस्कृत में शब्द का अन्त बदलता है।

पहला स्वाद — प्रथमा, द्वितीया, तृतीया

अभी सम्पूर्ण रूप न सीखें — बस तीन विभक्तियों का अनुभव लें:

प्रथमा (कर्ता)द्वितीया (कर्म)तृतीया (करण)
एकवचनरामःरामम्रामेण

उदाहरण वाक्य

संस्कृतअर्थविभक्ति
रामः गच्छतिराम जाता हैप्रथमा (कर्ता)
रामम् पश्यराम को देखोद्वितीया (कर्म)
रामेण सह गच्छराम के साथ जाओतृतीया (करण)

मूल पाठ में प्रयोग

इन वाक्यों में विभक्ति पहचानें:

रामः गृहं गच्छति। रामस्य गृहम् अत्र अस्ति।

शब्दविभक्तिकारकअर्थ
रामःप्रथमाकर्ताराम (ने)
गृहम्द्वितीयाकर्मघर को
रामस्यषष्ठीसम्बन्धराम का

अनुवाद: राम घर जाता है। राम का घर यहाँ है।

याद रखें

  1. संस्कृत में ‘ने’, ‘को’, ‘से’ नहीं लगते — शब्द का रूप बदलता है
  2. कुल 8 विभक्तियाँ (7 + सम्बोधन) × 3 वचन = 24 रूप प्रति शब्द
  3. प्रथमा = कर्ता, द्वितीया = कर्म, तृतीया = करण
  4. अगले पाठ में राम शब्द के सम्पूर्ण 24 रूप सीखेंगे

अभ्यास

प्रश्न 1 / 90 सही

संस्कृत में शब्द-रूप (विभक्ति) की आवश्यकता क्यों है?