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इस मॉड्यूल के पाठ

क्रमवाचक संख्या — प्रथमः, द्वितीयः

अनुमानित समय: 15 मिनट

क्रमवाचक संख्या क्या है?

गणवाचक (cardinal) संख्याएँ ‘कितने?’ बताती हैं — एक, दो, तीन। क्रमवाचक (ordinal) संख्याएँ ‘कौन-सा क्रम?’ बताती हैं — पहला, दूसरा, तीसरा।

गणवाचकअर्थक्रमवाचकअर्थ
एकएक (1)प्रथमःपहला (1st)
द्विदो (2)द्वितीयःदूसरा (2nd)
त्रितीन (3)तृतीयःतीसरा (3rd)

1 से 10 — क्रमवाचक संख्याएँ

अंकगणवाचकक्रमवाचक (पुं.)क्रमवाचक (स्त्री.)क्रमवाचक (नपुं.)
1एकप्रथमःप्रथमाप्रथमम्
2द्विद्वितीयःद्वितीयाद्वितीयम्
3त्रितृतीयःतृतीयातृतीयम्
4चतुर्चतुर्थःचतुर्थीचतुर्थम्
5पञ्चपञ्चमःपञ्चमीपञ्चमम्
6षष्षष्ठःषष्ठीषष्ठम्
7सप्तसप्तमःसप्तमीसप्तमम्
8अष्टअष्टमःअष्टमीअष्टमम्
9नवनवमःनवमीनवमम्
10दशदशमःदशमीदशमम्

विशेषण की भाँति व्यवहार

क्रमवाचक संख्याएँ विशेषण (adjective) हैं — ये विशेष्य (noun) के लिंग, वचन और विभक्ति के अनुसार बदलती हैं:

लिंग-भेद

प्रथमः बालकः = पहला बालक (पुल्लिंग) प्रथमा बालिका = पहली बालिका (स्त्रीलिंग) प्रथमम् फलम् = पहला फल (नपुंसकलिंग)

वचन-भेद

प्रथमः छात्रः = पहला छात्र (एकवचन) प्रथमौ छात्रौ = पहले दो छात्र (द्विवचन) प्रथमाः छात्राः = पहले (सबसे पहले वाले) छात्र (बहुवचन)

विभक्ति-भेद

प्रथमः छात्रः गच्छति = पहला छात्र जाता है (प्रथमा विभक्ति) प्रथमम् छात्रम् पश्य = पहले छात्र को देखो (द्वितीया विभक्ति) प्रथमेन छात्रेण सह = पहले छात्र के साथ (तृतीया विभक्ति)

विभक्तियों के नाम — क्रमवाचक से!

संस्कृत व्याकरण में सात विभक्तियों के नाम इन्हीं क्रमवाचक संख्याओं से बने हैं:

विभक्तिक्रमवाचकअर्थ
प्रथमाप्रथम + आ (स्त्री.)पहली
द्वितीयाद्वितीय + आदूसरी
तृतीयातृतीय + आतीसरी
चतुर्थीचतुर्थ + ईचौथी
पञ्चमीपञ्चम + ईपाँचवीं
षष्ठीषष्ठ + ईछठी
सप्तमीसप्तम + ईसातवीं

तिथियों में क्रमवाचक

हिन्दू पञ्चाङ्ग (calendar) में तिथियों के नाम क्रमवाचक संख्याओं से बने हैं:

तिथिसंस्कृतअर्थ
1प्रतिपदा / प्रथमापहली
2द्वितीयादूसरी
3तृतीयातीसरी
4चतुर्थीचौथी
5पञ्चमीपाँचवीं
8अष्टमीआठवीं
9नवमीनवमीं
11एकादशीग्यारहवीं
14चतुर्दशीचौदहवीं
15पूर्णिमा / पञ्चदशीपन्द्रहवीं

वाक्यों में प्रयोग

प्रथमः अध्यायः समाप्तः। = पहला अध्याय समाप्त हुआ। द्वितीये दिने सः आगमिष्यति। = दूसरे दिन वह आएगा। तृतीयं फलं मधुरम् अस्ति। = तीसरा फल मीठा है। चतुर्थी विभक्तिः सम्प्रदान कारके भवति। = चौथी विभक्ति सम्प्रदान कारक में होती है। नवमी तिथौ नवरात्रम् आरभ्यते। = नवमी तिथि पर नवरात्र आरम्भ होता है।

11-20 क्रमवाचक (संक्षेप में)

अंकक्रमवाचक (पुं.)
11एकादशः
12द्वादशः
13त्रयोदशः
14चतुर्दशः
20विंशः / विंशतितमः

याद रखें

  1. क्रमवाचक = ordinal numbers — ‘कौन-सा क्रम?’ (पहला, दूसरा, तीसरा…)
  2. ये विशेषण हैं — लिंग, वचन, विभक्ति अनुसार बदलते हैं
  3. पुल्लिंग: -ः (प्रथमः), स्त्रीलिंग: -ा/-ई (प्रथमा, चतुर्थी), नपुंसकलिंग: -म् (प्रथमम्)
  4. विभक्तियों के नाम = क्रमवाचक (प्रथमा, द्वितीया,…, सप्तमी)
  5. तिथियों के नाम = क्रमवाचक (प्रतिपदा, द्वितीया,…, पूर्णिमा)

अभ्यास

प्रश्न 1 / 80 सही

'तृतीयः' का अर्थ क्या है?