सम्, अनु, अव
अनुमानित समय: 15 मिनट
सम्, अनु, अव — तीन उपसर्ग
इस पाठ में तीन महत्त्वपूर्ण उपसर्ग: सम् (साथ), अनु (पीछे/अनुसार), अव (नीचे)।
1. सम् (साथ / together / well)
‘सम्’ का मूल अर्थ है ‘साथ’ (together) या ‘भली प्रकार’ (well/properly)।
सन्धि नियम: सम् → सं/सन्/सम्
‘सम्’ अनुस्वार (ं) या अनुनासिक में बदल सकता है:
- सम् + ग = संगम (अनुस्वार)
- सम् + न = सन्नद्ध (न् में)
- सम् + भ = सम्भव (म् रहता है)
सम् के विभिन्न अर्थ-छायाएँ
| अर्थ-छाया | उदाहरण | विच्छेद | अर्थ |
|---|---|---|---|
| साथ/मिलकर | संगमः | सम् + गम् | मिलना |
| भली प्रकार | संस्कारः | सम् + कृ | भली प्रकार करना |
| पूर्ण | सम्पूर्णः | सम् + पूर्ण | पूरी तरह भरा |
| समान | समानः | सम् + मान | बराबर |
प्रमुख शब्द — ‘सम्’ उपसर्ग
| शब्द | धातु | अर्थ |
|---|---|---|
| संगमः | सम् + गम् | मिलन, confluence |
| संगीतम् | सम् + गै | साथ गाना, music |
| संस्कृतम् | सम् + कृ | भली प्रकार किया गया, refined |
| संस्कारः | सम् + कृ | शुद्धि, refinement |
| संवादः | सम् + वद् | साथ बोलना, dialogue |
| सम्पत्तिः | सम् + पद् | भली प्रकार प्राप्ति, wealth |
| सम्मानम् | सम् + मान | भली प्रकार मान, honour |
| संग्रामः | सम् + ग्राम | साथ मिलकर (लड़ना), battle |
| संयोगः | सम् + युज् | साथ जुड़ना, union |
वाक्यों में प्रयोग
गङ्गायमुनयोः संगमः प्रयागे अस्ति। = गंगा-यमुना का संगम प्रयाग में है। संस्कृतम् अतीव सुन्दरा भाषा अस्ति। = संस्कृत अत्यन्त सुन्दर भाषा है। गुरुशिष्ययोः संवादः ज्ञानप्रदः भवति। = गुरु-शिष्य का संवाद ज्ञानप्रद होता है।
2. अनु (पीछे / after / following / according to)
‘अनु’ का मूल अर्थ है ‘पीछे-पीछे’ (after/following) या ‘अनुसार’ (according to)।
अनु के विभिन्न अर्थ-छायाएँ
| अर्थ-छाया | उदाहरण | विच्छेद | अर्थ |
|---|---|---|---|
| पीछे-पीछे | अनुगच्छति | अनु + गम् | पीछे जाता है |
| अनुसार | अनुवादः | अनु + वद् | अनुसार बोलना = अनुवाद |
| बाद में | अनुतापः | अनु + तप् | बाद में तपना = पश्चात्ताप |
| सदृश | अनुरूपम् | अनु + रूप | रूप के अनुसार = उचित |
प्रमुख शब्द — ‘अनु’ उपसर्ग
| शब्द | धातु | अर्थ |
|---|---|---|
| अनुगमनम् | अनु + गम् | पीछे जाना, following |
| अनुभवः | अनु + भू | (स्वयं) होना → अनुभव, experience |
| अनुवादः | अनु + वद् | अनुसार कहना, translation |
| अनुकरणम् | अनु + कृ | अनुसार करना, imitation |
| अनुमतिः | अनु + मन् | अनुसार मानना, permission |
| अनुरागः | अनु + रञ्ज् | पीछे-पीछे रंगना → प्रेम, love |
| अनुशासनम् | अनु + शास् | अनुसार शासन, discipline |
वाक्यों में प्रयोग
शिष्यः गुरुम् अनुगच्छति। = शिष्य गुरु के पीछे जाता है (अनुसरण करता है)। संस्कृतात् हिन्दीभाषायाम् अनुवादं करोतु। = संस्कृत से हिन्दी में अनुवाद करो। अनुभवः एव श्रेष्ठः गुरुः। = अनुभव ही श्रेष्ठ गुरु है।
3. अव (नीचे / down / off)
‘अव’ का मूल अर्थ है ‘नीचे’ (down/downward) या ‘दूर’ (away)।
अव के विभिन्न अर्थ-छायाएँ
| अर्थ-छाया | उदाहरण | विच्छेद | अर्थ |
|---|---|---|---|
| नीचे | अवतरति | अव + तॄ | नीचे उतरता है |
| नीचे देखना | अवलोकनम् | अव + लोक् | नीचे देखना |
| समझना | अवगच्छति | अव + गम् | (गहराई तक) जाना → समझना |
| तिरस्कार | अवमानम् | अव + मान | नीचे मानना → तिरस्कार |
प्रमुख शब्द — ‘अव’ उपसर्ग
| शब्द | धातु | अर्थ |
|---|---|---|
| अवतारः | अव + तॄ | नीचे उतरना, incarnation |
| अवगमनम् | अव + गम् | समझना, understanding |
| अवलोकनम् | अव + लोक् | देखना, observation |
| अवसरः | अव + सृ | समय/मौका, opportunity |
| अवधिः | अव + धा | सीमा, limit |
| अवमानम् | अव + मान | तिरस्कार, disrespect |
| अवशेषम् | अव + शिष् | बचा हुआ, remainder |
वाक्यों में प्रयोग
विष्णोः दश अवताराः प्रसिद्धाः। = विष्णु के दस अवतार प्रसिद्ध हैं। छात्रः पाठम् अवगच्छति। = छात्र पाठ को समझता है। गुरुः शिष्यम् अवलोकयति। = गुरु शिष्य को देखता है।
तुलना — सम्, अनु, अव
| उपसर्ग | दिशा | भाव | उदाहरण |
|---|---|---|---|
| सम् | साथ → | मिलना, श्रेष्ठता | संगम, संस्कार, सम्मान |
| अनु | पीछे → | अनुसरण, अनुकूलता | अनुभव, अनुवाद, अनुकरण |
| अव | नीचे ↓ | उतरना, गहराई | अवतार, अवगमन, अवलोकन |
अभ्यास — ‘भू’ धातु (होना) + तीनों उपसर्ग
| उपसर्ग + भू | शब्द | अर्थ |
|---|---|---|
| सम् + भू | सम्भवः | साथ होना → सम्भव/उत्पत्ति |
| अनु + भू | अनुभवः | पीछे-पीछे होना → अनुभव |
| अव + भू | (अवभावः) | नीचे होना → (अवनति) |
याद रखें
- सम् = साथ/भली प्रकार — संगम, संस्कार, संस्कृत, सम्पत्ति
- अनु = पीछे/अनुसार — अनुगमन, अनुभव, अनुवाद, अनुकरण
- अव = नीचे — अवतार, अवगमन, अवलोकन, अवसर
- ‘सम्’ की सन्धि: संग, सन्नद्ध, सम्भव — व्यञ्जन के अनुसार बदलता है
- ‘अव + गम्’ = अवगच्छति (समझता है) — ‘जाना’ से ‘समझना’ — अर्थ पूर्णतया बदला!
अभ्यास
'संगमः' में 'सम्' उपसर्ग का अर्थ क्या है?