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सप्तमी विभक्ति — अधिकरण कारक

अनुमानित समय: 20 मिनट

सप्तमी विभक्ति — अधिकरण कारक

सप्तमी विभक्ति वाक्य में अधिकरण कारक प्रकट करती है। अधिकरण = क्रिया का आधार — वह स्थान, समय, या विषय जहाँ/जब क्रिया होती है।

कुञ्जी: अधिकरण = “कहाँ? कब? किसमें?” का उत्तर

सप्तमी विभक्ति के चिह्न

शब्द प्रकारएकवचनद्विवचनबहुवचन
पुं. अकारान्त (राम)रामेरामयोःरामेषु
पुं. उकारान्त (गुरु)गुरौगुर्वोःगुरुषु
स्त्री. आकारान्त (लता)लतायाम्लतयोःलतासु
स्त्री. ईकारान्त (नदी)नद्याम्नद्योःनदीषु
नपुं. अकारान्त (फल)फलेफलयोःफलेषु

ध्यान दें: द्विवचन में सप्तमी = षष्ठी (-योः/-ओः)।

सप्तमी विभक्ति के प्रयोग

1. स्थानवाचक — कहाँ? (Place/Location)

सबसे मूलभूत प्रयोग — क्रिया कहाँ होती है:

वाक्यअधिकरणअर्थ
बालकाः गृहे क्रीडन्तिगृहेघर में खेलते हैं
मत्स्याः जले वसन्तिजलेजल में रहते हैं
पक्षिणः वृक्षे तिष्ठन्तिवृक्षेवृक्ष पर बैठते हैं
वने मृगाः चरन्तिवनेवन में मृग चरते हैं

2. कालवाचक — कब? (Time)

समय बताने के लिए सप्तमी:

वाक्यअर्थ
प्रातःकाले सूर्यः उदयतिप्रातःकाल में सूर्योदय
सायंकाले पक्षिणः आगच्छन्तिसायंकाल में पक्षी आते हैं
रात्रौ चन्द्रः प्रकाशतेरात्रि में चन्द्रमा चमकता है
वर्षाकाले मेघाः वर्षन्तिवर्षाकाल में बादल बरसते हैं

3. विषयवाचक — किसमें/किसके बारे में? (Abstract)

अमूर्त विषयों में सप्तमी:

वाक्यअर्थ
रामे विश्वासःराम में विश्वास
धर्मे निष्ठाधर्म में निष्ठा
मनसि शान्तिःमन में शान्ति
विद्यायाम् रतिःविद्या में रुचि

4. सप्तमी निरपेक्ष (Locative Absolute)

यह सप्तमी का विशेष प्रयोग है — एक स्वतन्त्र वाक्यांश जो शर्त या परिस्थिति बताता है:

वाक्यअर्थ
सति सूर्ये कमलम् विकसतिसूर्य के होने पर कमल खिलता है
गते राजनि प्रजाः दुःखिताःराजा के जाने पर प्रजा दुखी हुई
पतिते वृक्षे पक्षिणः उड्डयन्तेवृक्ष के गिरने पर पक्षी उड़ जाते हैं

संरचना: सप्तमी निरपेक्ष = कर्ता (सप्तमी) + क्रिया/विशेषण (सप्तमी) → “X होने पर…“

5. ‘कुशल’, ‘निपुण’, ‘प्रवीण’ आदि के साथ

कुशलता/दक्षता के विषय में सप्तमी:

वाक्यअर्थ
शास्त्रे कुशलःशास्त्र में कुशल
सङ्गीते निपुणःसङ्गीत में निपुण
काव्ये प्रवीणःकाव्य में प्रवीण

अधिकरण के तीन भेद

पाणिनि ने अधिकरण के तीन भेद बताये हैं:

भेदअर्थउदाहरण
औपश्लेषिकसम्पर्क/स्पर्शआसने उपविशति (आसन पर बैठता)
वैषयिकविषय/क्षेत्रमोक्षे इच्छा (मोक्ष में इच्छा)
अभिव्यापकव्याप्ति/समाया हुआतिलेषु तैलम् (तिलों में तेल)

सप्तमी बनाम अन्य — भ्रम निवारण

गतिवाचक धातु + स्थान = द्वितीया, न कि सप्तमी

सहीगलत
ग्रामम् गच्छति (द्वितीया)ग्रामे गच्छति

गम्, चल्, प्रविश् आदि गतिवाचक धातुओं के साथ गन्तव्य स्थान = द्वितीया। सप्तमी तभी जब क्रिया उस स्थान में हो (न कि उस स्थान को जाये)।

फल (नपुं.) — ‘फले’ = प्रथमा द्विवचन या सप्तमी एकवचन?

रूपसम्भावना
फले पक्वे स्तःप्रथमा द्विवचन (दो फल पके हैं)
फले कीटः अस्तिसप्तमी एकवचन (फल में कीड़ा है)

सन्दर्भ से पहचानें!

अभ्यास — अधिकरण पहचानें

वाक्य 1: वने नद्याम् बालकाः क्रीडन्ति।

(वन में नदी में बालक खेलते हैं।)

शब्दविभक्तिकारक
वनेसप्तमी एक.अधिकरण (स्थान)
नद्याम्सप्तमी एक.अधिकरण (स्थान)
बालकाःप्रथमा बहु.कर्ता

वाक्य 2: रात्रौ गृहे दीपः प्रज्वलति।

(रात्रि में घर में दीप जलता है।)

शब्दविभक्तिकारक
रात्रौसप्तमी एक.अधिकरण (काल)
गृहेसप्तमी एक.अधिकरण (स्थान)

मूल पाठ में प्रयोग

प्रातःकाले बालकाः विद्यालये पठन्ति। गुरौ श्रद्धा अस्ति। सायंकाले गृहे क्रीडन्ति। वने वृक्षेषु पक्षिणः वसन्ति।

शब्दअर्थव्याकरण
प्रातःकालेप्रातःकाल मेंसप्तमी एकवचन (काल)
विद्यालयेविद्यालय मेंसप्तमी एकवचन (स्थान)
गुरौगुरु मेंसप्तमी एकवचन (विषय)
सायंकालेसायंकाल मेंसप्तमी एकवचन (काल)
गृहेघर मेंसप्तमी एकवचन (स्थान)
वृक्षेषुवृक्षों में/परसप्तमी बहुवचन (स्थान)

अनुवाद: प्रातःकाल में बालक विद्यालय में पढ़ते हैं। गुरु में श्रद्धा है। सायंकाल में घर में खेलते हैं। वन में वृक्षों पर पक्षी रहते हैं।

याद रखें

  1. सप्तमी = अधिकरण — “कहाँ? कब? किसमें?” का उत्तर
  2. स्थान (गृहे), काल (प्रातःकाले), विषय (धर्मे निष्ठा) — तीन प्रकार
  3. सप्तमी निरपेक्ष = “X होने पर…” — सति सूर्ये कमलम् विकसति
  4. गतिवाचक धातु + गन्तव्य = द्वितीया (न कि सप्तमी) — ग्रामम् गच्छति
  5. कुशल, निपुण आदि के साथ → सप्तमी — शास्त्रे कुशलः

श्लोक अभ्यास

यत्र विद्वांसस्तत्र देवाः सदा निवसन्ति हि।

शब्दअर्थव्याकरण
यत्रजहाँअव्यय (सप्तमी का भाव)
विद्वांसःविद्वान् लोगपुल्लिंग, प्रथमा, बहुवचन
तत्रवहाँअव्यय (सप्तमी का भाव)
निवसन्तिनिवास करते हैंनिवस् धातु, लट्, प्रथम पुरुष, बहुवचन

इस श्लोक में यत्र…तत्र सप्तमी विभक्ति (अधिकरण कारक) का भाव व्यक्त करते हैं — “जहाँ विद्वान् हैं, वहाँ देवता निवास करते हैं।”

अभ्यास

प्रश्न 1 / 90 सही

सप्तमी विभक्ति का मुख्य कारक कौन-सा है?