क्रियाविशेषण — कैसे, कब, कहाँ
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क्रियाविशेषण क्या है?
विशेषण (adjective) संज्ञा को विशेषित करता है, जैसे — सुन्दरः बालकः (सुन्दर बालक)।
क्रियाविशेषण (adverb) क्रिया को विशेषित करता है — कैसे, कब, कहाँ क्रिया होती है, यह बताता है:
| प्रश्न | क्रियाविशेषण | उदाहरण | अर्थ |
|---|---|---|---|
| कैसे? | शीघ्रम् | शीघ्रं गच्छति | तेज़ी से जाता है |
| कब? | सदा | सदा पठति | सदा पढ़ता है |
| कहाँ? | तत्र | तत्र गच्छति | वहाँ जाता है |
महत्त्वपूर्ण: क्रियाविशेषण अव्यय हैं — इनका रूप कभी नहीं बदलता, चाहे लिंग, वचन, या विभक्ति कुछ भी हो।
रीति-वाचक क्रियाविशेषण (Manner)
ये बताते हैं कि क्रिया कैसे होती है:
| क्रियाविशेषण | अर्थ | उदाहरण | अर्थ |
|---|---|---|---|
| शीघ्रम् | तेज़ी से, जल्दी | सः शीघ्रं गच्छति | वह तेज़ी से जाता है |
| शनैः | धीरे-धीरे | सः शनैः चलति | वह धीरे चलता है |
| सम्यक् | अच्छी तरह, ठीक से | सम्यक् पठ | अच्छी तरह पढ़ |
| उच्चैः | ज़ोर से, ऊँचे स्वर में | उच्चैः वदति | ज़ोर से बोलता है |
| नीचैः | धीरे से, नीचे स्वर में | नीचैः वदति | धीरे बोलता है |
| सहसा | अचानक | सहसा आगच्छति | अचानक आता है |
उदाहरण वाक्य
| संस्कृत | अर्थ |
|---|---|
| सः शीघ्रं गृहं गच्छति | वह तेज़ी से घर जाता है |
| बालकः शनैः शनैः चलति | बालक बहुत धीरे-धीरे चलता है |
| आचार्यः सम्यक् पाठयति | आचार्य अच्छी तरह पढ़ाता है |
| सा उच्चैः गायति | वह (स्त्री) ज़ोर से गाती है |
| सिंहः सहसा आगच्छति | सिंह अचानक आता है |
काल-वाचक क्रियाविशेषण (Time)
ये बताते हैं कि क्रिया कब होती है। इनमें से कई पिछले पाठ में सीखे हैं:
| क्रियाविशेषण | अर्थ | उदाहरण |
|---|---|---|
| सदा / सर्वदा | हमेशा | सः सदा पठति |
| कदापि | कभी | सः कदापि न गच्छति |
| पुनः | फिर से | सः पुनः आगच्छति |
| प्रातः | सवेरे | प्रातः गच्छति |
| सायम् | शाम को | सायम् आगच्छति |
| अद्य | आज | अद्य न गच्छति |
| श्वः | कल (आगामी) | श्वः गमिष्यति |
| इदानीम् | अभी | इदानीं गच्छति |
| चिरम् | देर तक | चिरम् अतिष्ठत् |
| अचिरम् | शीघ्र ही | अचिरम् आगमिष्यति |
उदाहरण वाक्य
| संस्कृत | अर्थ |
|---|---|
| सः सदा प्रातः पठति | वह सदा सवेरे पढ़ता है |
| सः पुनः पुनः आगच्छति | वह बार-बार आता है |
| इदानीं गच्छामि | मैं अभी जाता हूँ |
| अचिरम् आगमिष्यति | शीघ्र ही आएगा |
स्थान-वाचक क्रियाविशेषण (Place)
ये बताते हैं कि क्रिया कहाँ होती है:
| क्रियाविशेषण | अर्थ |
|---|---|
| अत्र | यहाँ |
| तत्र | वहाँ |
| कुत्र | कहाँ |
| यत्र | जहाँ |
| सर्वत्र | सब जगह |
| अन्यत्र | अन्य जगह |
| उपरि | ऊपर |
| अधः | नीचे |
| बहिः | बाहर |
| अन्तः | अन्दर |
| समीपे | पास में |
| दूरे | दूर में |
उदाहरण वाक्य
| संस्कृत | अर्थ |
|---|---|
| अत्र आगच्छ | यहाँ आ |
| सः सर्वत्र गच्छति | वह सब जगह जाता है |
| बालकः बहिः गच्छति | बालक बाहर जाता है |
| मार्जारः उपरि अस्ति | बिल्ली ऊपर है |
| पुष्पम् समीपे अस्ति | फूल पास में है |
परिमाण-वाचक क्रियाविशेषण (Degree)
ये बताते हैं कि क्रिया या विशेषण कितना है:
| क्रियाविशेषण | अर्थ | उदाहरण |
|---|---|---|
| अतीव | बहुत अधिक | अतीव सुन्दरम् |
| किञ्चित् | थोड़ा-सा | किञ्चित् जानाति |
| ईषत् | थोड़ा-सा | ईषत् हसति |
वाक्य में क्रियाविशेषण का स्थान
क्रियाविशेषण प्रायः क्रिया के ठीक पहले आता है:
| संस्कृत | अर्थ |
|---|---|
| सः शीघ्रं गच्छति | वह तेज़ी से जाता है |
| सः सदा तत्र गच्छति | वह सदा वहाँ जाता है |
| बालकः शनैः उच्चैः पठति | बालक धीरे-धीरे ज़ोर से पढ़ता है |
एक वाक्य में एक से अधिक क्रियाविशेषण भी आ सकते हैं।
मूल पाठ में प्रयोग
बालकः प्रातः शीघ्रं पाठशालां गच्छति। तत्र सम्यक् पठति। सायं शनैः गृहम् आगच्छति।
| शब्द | अर्थ | व्याकरण |
|---|---|---|
| बालकः | बालक | पुल्लिंग, प्रथमा |
| प्रातः | सवेरे | काल-वाचक क्रियाविशेषण |
| शीघ्रम् | तेज़ी से | रीति-वाचक क्रियाविशेषण |
| पाठशालाम् | पाठशाला को | स्त्रीलिंग, द्वितीया |
| गच्छति | जाता है | गम् धातु, लट्, प्र. पु. |
| तत्र | वहाँ | स्थान-वाचक क्रियाविशेषण |
| सम्यक् | अच्छी तरह | रीति-वाचक क्रियाविशेषण |
| पठति | पढ़ता है | पठ् धातु, लट्, प्र. पु. |
| सायम् | शाम को | काल-वाचक क्रियाविशेषण |
| शनैः | धीरे-धीरे | रीति-वाचक क्रियाविशेषण |
| गृहम् | घर को | नपुंसकलिंग, द्वितीया |
| आगच्छति | आता है | आगम् धातु, लट्, प्र. पु. |
अन्वय: बालकः प्रातः शीघ्रम् पाठशालाम् गच्छति। तत्र सम्यक् पठति। सायम् शनैः गृहम् आगच्छति।
अनुवाद: बालक सवेरे तेज़ी से पाठशाला जाता है। वहाँ अच्छी तरह पढ़ता है। शाम को धीरे-धीरे घर आता है।
याद रखें
- क्रियाविशेषण क्रिया को विशेषित करता है — कैसे, कब, कहाँ
- क्रियाविशेषण अव्यय हैं — रूप कभी नहीं बदलता
- शीघ्रम्↔शनैः (तेज़↔धीरे), उच्चैः↔नीचैः (ज़ोर↔धीमे) — विपरीत जोड़ियाँ
- क्रियाविशेषण प्रायः क्रिया के ठीक पहले आता है
- एक वाक्य में अनेक क्रियाविशेषण हो सकते हैं — प्रातः शीघ्रं तत्र गच्छति
अभ्यास
'शनैः' का अर्थ क्या है?