सर्व, अन्य आदि — प्रत्ययार्थ सर्वनाम
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सर्वादि गण — सर्वनामी विशेषण
संस्कृत में कुछ विशेषण ऐसे हैं जो सामान्य विशेषणों की भाँति नहीं बल्कि सर्वनामों की भाँति रूपान्तर करते हैं। इन्हें सर्वनामी विशेषण (pronominal adjectives) कहते हैं। पाणिनि ने इनकी सूची दी है जिसे सर्वादि गण कहते हैं।
सर्वादि गण के प्रमुख शब्द
| शब्द | अर्थ | प्रयोग |
|---|---|---|
| सर्व | सब, समस्त | सर्वे जनाः सुखिनः सन्तु (सब लोग सुखी हों) |
| विश्व | सम्पूर्ण, सब | विश्वम् जगत् (सम्पूर्ण संसार) |
| उभ | दोनों | उभौ बालकौ (दोनों बालक) — केवल द्विवचन |
| अन्य | दूसरा, अन्य | अन्यः नरः आगच्छति (दूसरा व्यक्ति आता है) |
| अन्यतर | दो में से एक | अन्यतरः जयति (दो में से एक जीतता है) |
| इतर | दूसरा (दो में से) | इतरः मार्गः (दूसरा मार्ग) |
| एक | एक, कोई एक | एकः नरः वदति (एक/कोई व्यक्ति कहता है) |
| पूर्व | पहला, पूर्व | पूर्वस्मिन् काले (पहले समय में) |
| पर | दूसरा, बाद का | परस्मिन् दिने (दूसरे दिन) |
| उत्तर | बाद का, उत्तर | उत्तरस्मिन् काले (बाद के समय में) |
सर्वनामी रूपान्तर — क्या भिन्न है?
सर्वादि शब्दों का अधिकांश रूपान्तर सामान्य अकारान्त शब्दों जैसा ही होता है। अन्तर केवल कुछ विभक्तियों में है:
| विभक्ति | सामान्य (राम) | सर्वनामी (सर्व) | अन्तर |
|---|---|---|---|
| चतुर्थी एक. | रामाय | सर्वस्मै | -आय → -स्मै |
| पञ्चमी एक. | रामात् | सर्वस्मात् | -आत् → -स्मात् |
| सप्तमी एक. | रामे | सर्वस्मिन् | -ए → -स्मिन् |
| प्रथमा नपुं. बहु. | फलानि | सर्वाणि | -आनि → -आणि (ण आगम) |
सूत्र: चतुर्थी, पञ्चमी, सप्तमी एकवचन में -स्मै, -स्मात्, -स्मिन् — ये सर्वनाम-विशिष्ट प्रत्यय हैं।
सर्व शब्द — पुल्लिंग (Masculine)
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथमा | सर्वः | सर्वौ | सर्वे |
| द्वितीया | सर्वम् | सर्वौ | सर्वान् |
| तृतीया | सर्वेण | सर्वाभ्याम् | सर्वैः |
| चतुर्थी | सर्वस्मै | सर्वाभ्याम् | सर्वेभ्यः |
| पञ्चमी | सर्वस्मात् | सर्वाभ्याम् | सर्वेभ्यः |
| षष्ठी | सर्वस्य | सर्वयोः | सर्वेषाम् |
| सप्तमी | सर्वस्मिन् | सर्वयोः | सर्वेषु |
सर्व शब्द — स्त्रीलिंग (Feminine)
स्त्रीलिंग में सर्व शब्द आकारान्त हो जाता है (सर्वा) और नदी-शब्द जैसे नहीं बल्कि विशेष ढंग से चलता है:
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथमा | सर्वा | सर्वे | सर्वाः |
| द्वितीया | सर्वाम् | सर्वे | सर्वाः |
| तृतीया | सर्वया | सर्वाभ्याम् | सर्वाभिः |
| चतुर्थी | सर्वस्यै | सर्वाभ्याम् | सर्वाभ्यः |
| पञ्चमी | सर्वस्याः | सर्वाभ्याम् | सर्वाभ्यः |
| षष्ठी | सर्वस्याः | सर्वयोः | सर्वासाम् |
| सप्तमी | सर्वस्याम् | सर्वयोः | सर्वासु |
सर्व शब्द — नपुंसकलिंग (Neuter)
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथमा | सर्वम् | सर्वे | सर्वाणि |
| द्वितीया | सर्वम् | सर्वे | सर्वाणि |
| तृतीया | सर्वेण | सर्वाभ्याम् | सर्वैः |
| चतुर्थी | सर्वस्मै | सर्वाभ्याम् | सर्वेभ्यः |
| पञ्चमी | सर्वस्मात् | सर्वाभ्याम् | सर्वेभ्यः |
| षष्ठी | सर्वस्य | सर्वयोः | सर्वेषाम् |
| सप्तमी | सर्वस्मिन् | सर्वयोः | सर्वेषु |
अन्य शब्द — पुल्लिंग (Masculine) संक्षेप
अन्य शब्द भी सर्व के समान ही चलता है:
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथमा | अन्यः | अन्यौ | अन्ये |
| चतुर्थी | अन्यस्मै | अन्याभ्याम् | अन्येभ्यः |
| पञ्चमी | अन्यस्मात् | अन्याभ्याम् | अन्येभ्यः |
| सप्तमी | अन्यस्मिन् | अन्ययोः | अन्येषु |
शेष विभक्तियाँ सर्व शब्द के अनुसार बनाएँ।
उदाहरण वाक्य
- सर्वे जनाः सुखिनः भवन्तु। — सब लोग सुखी हों।
- सर्वम् ज्ञानम् मयि अस्ति। — सारा ज्ञान मुझमें है।
- सर्वस्मै नमः। — सबको नमस्कार।
- सर्वस्मिन् जगति शान्तिः भवतु। — सम्पूर्ण संसार में शान्ति हो।
- अन्यः मार्गः अस्ति। — दूसरा मार्ग है।
- अन्यस्मिन् ग्रामे वसामि। — दूसरे गाँव में रहता हूँ।
- एकः बालकः आगच्छति। — एक बालक आता है।
याद रखें
- सर्वादि गण के शब्द = विशेषण जो सर्वनाम की भाँति चलते हैं
- मुख्य अन्तर चतुर्थी (-स्मै), पञ्चमी (-स्मात्), सप्तमी (-स्मिन्) एकवचन में
- सर्व, अन्य, इतर, एक, पूर्व, पर, उत्तर — सब समान पद्धति से चलते हैं
- स्त्रीलिंग में ये आकारान्त हो जाते हैं (सर्वा, अन्या)
- नपुंसकलिंग बहुवचन प्रथमा में -आणि (सर्वाणि) — ‘ण’ आगम
अभ्यास
प्रश्न 1 / 70 सही
'सर्व' शब्द पुल्लिंग प्रथमा एकवचन का रूप क्या है?