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प्रथमा विभक्ति — कर्ता कारक

अनुमानित समय: 18 मिनट

प्रथमा विभक्ति — कर्ता कारक

प्रथमा विभक्ति संस्कृत की सबसे पहली और सबसे मूलभूत विभक्ति है। यह कर्ता कारक प्रकट करती है — अर्थात् वाक्य में क्रिया करने वाला कौन है, यह बताती है।

कुञ्जी: कर्ता = “कौन करता है?” का उत्तर

प्रथमा विभक्ति के चिह्न (विभिन्न शब्दों में)

शब्द प्रकारएकवचनद्विवचनबहुवचन
पुं. अकारान्त (राम)रामरामरामाः
पुं. उकारान्त (गुरु)गुरुगुरगुरवः
स्त्री. आकारान्त (लता)लतालतलताः
स्त्री. ईकारान्त (नदी)नदीनद्यनद्य
नपुं. अकारान्त (फल)फलम्फलफलानि

प्रथमा विभक्ति के प्रयोग

1. कर्ता — मुख्य प्रयोग

वाक्य में जो क्रिया करता है, वह कर्ता = प्रथमा विभक्ति:

वाक्यकर्ताक्रिया
रामः गच्छतिरामः (राम)गच्छति (जाता है)
नदी वहतिनदी (नदी)वहति (बहती है)
फलम् पततिफलम् (फल)पतति (गिरता है)
बालकाः क्रीडन्तिबालकाः (बालक)क्रीडन्ति (खेलते हैं)

2. विधेय विशेषण (Predicate)

‘अस्ति’ (है), ‘भवति’ (होता है) के साथ विधेय विशेषण भी प्रथमा में:

वाक्यकर्ताविधेय
रामः वीरः अस्तिरामःवीरः (वीर है)
सीता सुन्दरा अस्तिसीतासुन्दरा (सुन्दर है)
फलम् मधुरम् अस्तिफलम्मधुरम् (मीठा है)

नियम: कर्ता और विधेय विशेषण दोनों का लिङ्ग, वचन, और विभक्ति समान होती है।

3. सम्बोधन (Vocative) — प्रथमा से सम्बद्ध

सम्बोधन (हे राम!) को कभी-कभी ‘अष्टमी विभक्ति’ भी कहा जाता है, परन्तु यह प्रथमा से बहुत मिलता-जुलता है। इसका विस्तृत अध्ययन सम्बोधन पाठ में होगा।

कर्ता और क्रिया का मेल

संस्कृत में कर्ता और क्रिया का वचन और पुरुष समान होना चाहिए:

कर्तावचनक्रिया (गम् धातु)
रामःएकवचनगच्छति
रामौद्विवचनगच्छतः
रामाःबहुवचनगच्छन्ति

ध्यान दें: क्रिया पर लिङ्ग का कोई प्रभाव नहीं। ‘रामः गच्छति’ और ‘सीता गच्छति’ — क्रिया दोनों में समान।

नपुंसकलिङ्ग में विशेष ध्यान

नपुंसकलिङ्ग में प्रथमा = द्वितीया (हमेशा)। इसलिए सन्दर्भ से पहचानना होगा:

वाक्य’फलम्’ = ?कैसे जानें?
फलम् मधुरम् अस्तिप्रथमा (कर्ता)‘अस्ति’ का कर्ता
बालकः फलम् खादतिद्वितीया (कर्म)‘बालकः’ कर्ता, ‘फलम्’ कर्म

अभ्यास — कर्ता पहचानें

वाक्य 1: गजः वने चरति।

(हाथी वन में चरता है।)

शब्दविभक्तिकारक
गजःप्रथमा एकवचनकर्ता
वनेसप्तमी एकवचनअधिकरण

वाक्य 2: नद्यौ वहतः।

(दो नदियाँ बहती हैं।)

शब्दविभक्तिकारक
नद्यौप्रथमा द्विवचनकर्ता

वाक्य 3: देवाः रक्षन्ति।

(देवता रक्षा करते हैं।)

शब्दविभक्तिकारक
देवाःप्रथमा बहुवचनकर्ता

मूल पाठ में प्रयोग

रामः सीता च वनम् गच्छतः। तौ वने निवसतः। वने वृक्षाः उन्नताः सन्ति।

शब्दअर्थव्याकरण
रामःरामप्रथमा एकवचन (कर्ता)
सीतासीताप्रथमा एकवचन (कर्ता)
तौवे दोनोंप्रथमा द्विवचन (कर्ता)
वृक्षाःवृक्षप्रथमा बहुवचन (कर्ता)
उन्नताःऊँचेप्रथमा बहुवचन (विधेय विशेषण)

अनुवाद: राम और सीता वन को जाते हैं। वे दोनों वन में रहते हैं। वन में वृक्ष ऊँचे हैं।

याद रखें

  1. प्रथमा = कर्ता — वाक्य में “कौन करता है?” का उत्तर
  2. कर्ता और क्रिया का वचन-पुरुष मेल अनिवार्य
  3. विधेय विशेषण भी प्रथमा में — रामः वीरः अस्ति
  4. नपुंसकलिङ्ग में प्रथमा = द्वितीया — सन्दर्भ से पहचानें
  5. क्रिया पर लिङ्ग का प्रभाव नहीं — केवल वचन और पुरुष का प्रभाव

अभ्यास

प्रश्न 1 / 90 सही

प्रथमा विभक्ति का मुख्य कारक कौन-सा है?