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इस मॉड्यूल के पाठ

फल शब्द — अकारान्त नपुंसकलिङ्ग

अनुमानित समय: 15 मिनट

फल शब्द रूप (अकारान्त नपुंसकलिङ्ग)

फल शब्द अकारान्त नपुंसकलिङ्ग (neuter) शब्दों का प्रतिनिधि शब्द है। संस्कृत में तीन लिङ्ग होते हैं:

  • पुल्लिङ्ग (masculine) — राम, देव
  • स्त्रीलिङ्ग (feminine) — नदी, लता
  • नपुंसकलिङ्ग (neuter) — फल, वन, जल, पुस्तक

मूल नियम — नपुंसकलिङ्ग की विशेषता

नपुंसकलिङ्ग का सबसे महत्त्वपूर्ण नियम:

प्रथमा और द्वितीया विभक्ति के रूप सदैव समान होते हैं।

यह नियम तीनों वचनों पर लागू है:

  • एकवचन: फलम् = फलम्
  • द्विवचन: फल = फल
  • बहुवचन: फलानि = फलानि

सम्पूर्ण फल शब्द रूप

विभक्तिएकवचनद्विवचनबहुवचन
प्रथमा (कर्ता)फलम्फलेफलानि
द्वितीया (कर्म)फलम्फलेफलानि
तृतीया (करण)फलेनफलाभ्याम्फलैः
चतुर्थी (सम्प्रदान)फलायफलाभ्याम्फलेभ्यः
पञ्चमी (अपादान)फलात्फलाभ्याम्फलेभ्यः
षष्ठी (सम्बन्ध)फलस्यफलयोःफलानाम्
सप्तमी (अधिकरण)फलेफलयोःफलेषु
सम्बोधनहे फल!हे फले!हे फलानि!

पुल्लिङ्ग बनाम नपुंसकलिङ्ग — तुलना

विभक्तिपुल्लिङ्ग (देव)नपुंसकलिङ्ग (फल)अन्तर?
प्रथमा एक.देवफलम्भिन्न
द्वितीया एक.देवम्फलम्समान
तृतीया एक.देवेनफलेनसमान
चतुर्थी एक.देवायफलायसमान
पञ्चमी एक.देवात्फलात्समान
षष्ठी एक.देवस्यफलस्यसमान
सप्तमी एक.देवेफलेसमान
प्रथमा द्वि.देवफलभिन्न
प्रथमा बहु.देवाःफलानिभिन्न
द्वितीया बहु.देवान्फलानिभिन्न

सारांश: अन्तर केवल प्रथमा और द्वितीया विभक्ति में है। तृतीया से सप्तमी तक रूप समान हैं।

समान शब्द (अकारान्त नपुंसकलिङ्ग)

शब्दअर्थप्रथमा एक.प्रथमा बहु.
फलफलफलम्फलानि
वनजंगलवनम्वनानि
जलपानीजलम्जलानि
पुस्तककिताबपुस्तकम्पुस्तकानि
नगरशहरनगरम्नगराणि
क्षेत्रखेतक्षेत्रम्क्षेत्राणि
सुखसुखसुखम्सुखानि
दुःखदुःखदुःखम्दुःखानि

अभ्यास वाक्य

  1. फलम् पक्वम् अस्ति। — फल पका है। (प्रथमा)
  2. बालकः फलम् खादति। — बालक फल खाता है। (द्वितीया)
  3. वने वृक्षाः सन्ति। — वन में वृक्ष हैं। (सप्तमी)
  4. जलम् शीतलम् अस्ति। — जल शीतल है। (प्रथमा)
  5. फलानि मधुराणि सन्ति। — फल मीठे हैं। (प्रथमा बहुवचन)
  6. नगरस्य मार्गाः विशालाः। — नगर के मार्ग चौड़े हैं। (षष्ठी)

‘फलम्’ — प्रथमा या द्वितीया?

नपुंसकलिङ्ग में प्रथमा और द्वितीया रूप समान होने से सन्दर्भ से अर्थ समझना होगा:

वाक्य’फलम्’ = ?कैसे जानें?
फलम् पक्वम् अस्तिप्रथमा (कर्ता)फल = विषय, ‘अस्ति’ से
बालकः फलम् खादतिद्वितीया (कर्म)बालकः = कर्ता, फल = कर्म
फलम् ददातुद्वितीया (कर्म)‘ददातु’ = दो — फल को दो

मूल पाठ में प्रयोग

इन वाक्यों में नपुंसकलिङ्ग शब्दों के रूप पहचानें:

वने फलानि सन्ति। बालकः फलम् खादति। वनस्य जलम् शीतलम्।

शब्दअर्थव्याकरण
वनेवन मेंसप्तमी एकवचन (अधिकरण)
फलानिफल (अनेक)प्रथमा बहुवचन (कर्ता)
फलम्फल कोद्वितीया एकवचन (कर्म)
वनस्यवन काषष्ठी एकवचन (सम्बन्ध)
जलम्जलप्रथमा एकवचन (कर्ता)

अनुवाद: वन में फल हैं। बालक फल खाता है। वन का जल शीतल है।

याद रखें

  1. नपुंसकलिङ्ग में प्रथमा = द्वितीया (सदैव)
  2. एकवचन: -अम्, द्विवचन: -, बहुवचन: -आनि
  3. तृतीया से सप्तमी तक रूप पुल्लिङ्ग के समान हैं
  4. प्रथमा/द्वितीया का अन्तर सन्दर्भ से समझें
  5. फल, वन, जल, पुस्तक — सभी अकारान्त नपुंसकलिङ्ग शब्द इसी प्रकार चलते हैं

संवाद अभ्यास

गुरुः — वृक्षे कति फलानि सन्ति? शिष्यः — वृक्षे बहूनि फलानि सन्ति। गुरुः — मह्यं फलं देहि। शिष्यः — इदं फलं गृहाण, गुरुदेव। गुरुः — फलं मधुरम् अस्ति किम्? शिष्यः — आम्, फलं मधुरं स्वादु च अस्ति।

अभ्यास

प्रश्न 1 / 90 सही

'फल' शब्द का प्रथमा विभक्ति एकवचन रूप क्या है?