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इस मॉड्यूल के पाठ

व्यञ्जन — संस्कृत के व्यञ्जन वर्ण

अनुमानित समय: 20 मिनट

व्यञ्जन क्या हैं?

जिन वर्णों का उच्चारण स्वरों की सहायता से होता है, वे व्यञ्जन कहलाते हैं। प्रत्येक व्यञ्जन में ‘अ’ स्वर मिला रहता है (क = क् + अ)।

व्यञ्जनों के प्रकार

1. स्पर्श व्यञ्जन (25 वर्ण)

ये पाँच वर्गों में विभाजित हैं। प्रत्येक वर्ग का एक उच्चारण-स्थान है:

वर्गउच्चारण स्थानअघोष अल्पप्राणअघोष महाप्राणघोष अल्पप्राणघोष महाप्राणनासिक्य
क-वर्गकण्ठकखगघङ
च-वर्गतालुचछजझञ
ट-वर्गमूर्धाटठडढण
त-वर्गदन्ततथदधन
प-वर्गओष्ठपफबभम

2. अन्तःस्थ व्यञ्जन (4 वर्ण)

वर्णउच्चारण स्थान
यतालु
रमूर्धा
लदन्त
वओष्ठ

3. ऊष्म व्यञ्जन (4 वर्ण)

वर्णउच्चारण स्थान
शतालु
षमूर्धा
सदन्त
हकण्ठ

विशेष वर्ण

वर्णनामविवरण
अं (ं)अनुस्वारनासिक ध्वनि
अः (ः)विसर्गश्वास-ध्वनि
ँचन्द्रबिन्दुअनुनासिक

उच्चारण-स्थान सारांश

स्थानस्वरस्पर्शअन्तःस्थऊष्म
कण्ठअ, आक-वर्ग—ह
तालुइ, ईच-वर्गयश
मूर्धाऋ, ॠट-वर्गरष
दन्तऌत-वर्गलस
ओष्ठउ, ऊप-वर्गव—

मूल पाठ में प्रयोग

इन शब्दों को पढ़ें और पहचानें कि प्रत्येक शब्द का आदि व्यञ्जन किस वर्ग का है:

शब्दअर्थआदि व्यञ्जनवर्गउच्चारण स्थान
गजहाथीगक-वर्गकण्ठ
जलपानीजच-वर्गतालु
नरमनुष्यनत-वर्गदन्त
पुष्पफूलपप-वर्गओष्ठ
शान्तिशान्तिशऊष्मतालु
रामरामरअन्तःस्थमूर्धा

ध्यान दें — शब्द के पहले अक्षर से ही व्यञ्जन के वर्ग और उच्चारण स्थान की पहचान हो जाती है।

याद रखें

  1. प्रत्येक वर्ग में 5 वर्ण हैं — कुल 25 स्पर्श व्यञ्जन
  2. हर वर्ग में क्रम: अघोष अल्पप्राण → अघोष महाप्राण → घोष अल्पप्राण → घोष महाप्राण → नासिक्य
  3. अन्तःस्थ (य, र, ल, व) और ऊष्म (श, ष, स, ह) — कुल 8 अतिरिक्त व्यञ्जन
  4. सम्पूर्ण व्यञ्जन = 25 + 4 + 4 = 33

अभ्यास

प्रश्न 1 / 90 सही

संस्कृत में स्पर्श व्यञ्जनों की कुल संख्या कितनी है?