तृतीया विभक्ति — करण कारक
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तृतीया विभक्ति — करण कारक
तृतीया विभक्ति वाक्य में करण कारक प्रकट करती है। करण = क्रिया का साधन (instrument) — जिसकी सहायता से क्रिया सम्पन्न होती है।
कुञ्जी: करण = “किससे/कैसे/किसके द्वारा?” का उत्तर
तृतीया विभक्ति के चिह्न
| शब्द प्रकार | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| पुं. अकारान्त (राम) | रामेण | रामाभ्याम् | रामैः |
| पुं. उकारान्त (गुरु) | गुरुणा | गुरुभ्याम् | गुरुभिः |
| स्त्री. आकारान्त (लता) | लतया | लताभ्याम् | लताभिः |
| स्त्री. ईकारान्त (नदी) | नद्या | नदीभ्याम् | नदीभिः |
| नपुं. अकारान्त (फल) | फलेन | फलाभ्याम् | फलैः |
ध्यान दें: द्विवचन में तृतीया, चतुर्थी, पञ्चमी — तीनों समान (-भ्याम्)।
तृतीया विभक्ति के प्रयोग
1. करण कारक — साधन (Instrument)
सबसे मूलभूत प्रयोग — क्रिया करने का साधन/उपकरण:
| वाक्य | करण | अर्थ |
|---|---|---|
| बालकः कलमेन लिखति | कलमेन | कलम से लिखता है |
| कृषकः हलेन कर्षति | हलेन | हल से जोतता है |
| सः नेत्रेण पश्यति | नेत्रेण | आँख से देखता है |
| मनसा चिन्तयति | मनसा | मन से सोचता है |
2. ‘सह’ योग — साथ (Accompaniment)
‘सह’ (साथ), ‘साकम्’ (साथ), ‘सार्धम्’ (साथ) अव्ययों के साथ तृतीया:
| वाक्य | अर्थ |
|---|---|
| रामेण सह सीता गच्छति | राम के साथ सीता जाती है |
| मित्रेण साकम् क्रीडति | मित्र के साथ खेलता है |
| गुरुणा सार्धम् पठति | गुरु के साथ पढ़ता है |
ध्यान दें: ‘सह’ के साथ हमेशा तृतीया। ‘सह’ को वाक्य में कहीं भी रखा जा सकता है — रामेण सह गच्छति = सह रामेण गच्छति।
3. ‘विना’ योग — बिना (Without)
‘विना’ (बिना) अव्यय के साथ भी तृतीया:
| वाक्य | अर्थ |
|---|---|
| जलेन विना जीवनम् न सम्भवति | जल बिना जीवन सम्भव नहीं |
| विद्यया विना नरः पशुः | विद्या बिना मनुष्य पशु है |
विशेष: ‘विना’ के साथ द्वितीया या पञ्चमी भी प्रयुक्त हो सकती है, परन्तु तृतीया सर्वाधिक प्रचलित है।
4. कर्मवाच्य (Passive Voice) में कर्ता
कर्मवाच्य (passive) वाक्यों में कर्ता तृतीया में आता है:
| कर्तृवाच्य (Active) | कर्मवाच्य (Passive) |
|---|---|
| रामः रावणम् हन्ति | रामेण रावणः हतः |
| गुरुः शिष्यम् पाठयति | गुरुणा शिष्यः पाठितः |
अर्थ: “राम रावण को मारता है” → “राम द्वारा रावण मारा गया”
5. हेतु (Cause/Reason)
कारण बताने के लिए भी तृतीया:
| वाक्य | अर्थ |
|---|---|
| दुःखेन रोदिति | दुःख से रोता है |
| भयेन कम्पते | भय से काँपता है |
| विद्यया विनम्रः भवति | विद्या के कारण विनम्र होता है |
करण बनाम अपादान — ‘से’ का अन्तर (पुनः)
| करण (तृतीया) | अपादान (पञ्चमी) | |
|---|---|---|
| अर्थ | साधन / by means of | अलगाव / separation from |
| प्रश्न | किससे करता है? | कहाँ से अलग? |
| उदाहरण | कलमेन लिखति | वृक्षात् पतति |
| हिन्दी | कलम से लिखता है | वृक्ष से गिरता है |
अभ्यास — करण पहचानें
वाक्य 1: बालकः हस्ताभ्यां जलम् पिबति।
(बालक दोनों हाथों से जल पीता है।)
| शब्द | विभक्ति | कारक |
|---|---|---|
| बालकः | प्रथमा | कर्ता |
| हस्ताभ्याम् | तृतीया द्वि. | करण |
| जलम् | द्वितीया | कर्म |
वाक्य 2: रामेण बाणेन रावणः हतः।
(राम द्वारा बाण से रावण मारा गया।)
| शब्द | विभक्ति | कारक |
|---|---|---|
| रामेण | तृतीया | कर्मवाच्य कर्ता |
| बाणेन | तृतीया | करण (साधन) |
| रावणः | प्रथमा | कर्मवाच्य कर्म |
मूल पाठ में प्रयोग
रामेण सह लक्ष्मणः वनम् गच्छति। तौ पादाभ्याम् चलतः। रामेण बाणेन रावणः हतः।
| शब्द | अर्थ | व्याकरण |
|---|---|---|
| रामेण सह | राम के साथ | तृतीया एकवचन (सह-योग) |
| पादाभ्याम् | दोनों पैरों से | तृतीया द्विवचन (करण) |
| रामेण | राम द्वारा | तृतीया एकवचन (कर्मवाच्य कर्ता) |
| बाणेन | बाण से | तृतीया एकवचन (करण) |
अनुवाद: राम के साथ लक्ष्मण वन को जाता है। वे दोनों पैरों से चलते हैं। राम द्वारा बाण से रावण मारा गया।
याद रखें
- तृतीया = करण — “किससे/कैसे/किसके द्वारा?” का उत्तर
- सह/साकम्/सार्धम् (साथ) → तृतीया — रामेण सह
- विना (बिना) → तृतीया — विद्यया विना
- कर्मवाच्य (passive) में कर्ता → तृतीया — रामेण कृतम्
- करण = साधन से, अपादान = अलग से — दोनों ‘से’ हैं, अर्थ भिन्न
श्लोक अभ्यास
विद्यया अमृतमश्नुते।
| शब्द | अर्थ | व्याकरण |
|---|---|---|
| विद्यया | विद्या से / विद्या के द्वारा | स्त्रीलिंग, तृतीया, एकवचन |
| अमृतम् | मोक्ष / अमरता | नपुंसकलिंग, द्वितीया, एकवचन |
| अश्नुते | प्राप्त करता है | अश् धातु, लट्, प्रथम पुरुष, एकवचन |
इस श्लोक में विद्यया तृतीया विभक्ति (करण कारक) का उत्तम उदाहरण है — “विद्या के द्वारा अमृत प्राप्त होता है।”
अभ्यास
तृतीया विभक्ति का मुख्य कारक कौन-सा है?