लता शब्द — आकारान्त स्त्रीलिङ्ग
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लता शब्द रूप (आकारान्त स्त्रीलिङ्ग)
लता शब्द आकारान्त स्त्रीलिङ्ग शब्दों का प्रतिनिधि है। यह संस्कृत में सबसे सामान्य स्त्रीलिङ्ग प्रकार है। इसका अर्थ है ‘बेल/लता’।
इसके रूप सीखने से कन्या, विद्या, सेना, रमा, सीता, उमा, गङ्गा, माला, बालिका, कथा, वार्ता आदि सभी आकारान्त स्त्रीलिङ्ग शब्दों के रूप आ जाते हैं।
आकारान्त स्त्रीलिङ्ग की विशेषता
आकारान्त स्त्रीलिङ्ग शब्दों में आ अन्तिम स्वर प्रत्यय लगने पर विभिन्न प्रकार से बदलता है:
- आ + म् = आम् (लताम्)
- आ + या = अया (लतया) — तृतीया
- आ + यै = अयै (लतायै) — चतुर्थी
- आ + याः = अयाः (लतायाः) — पञ्चमी, षष्ठी
- आ + याम् = अयाम् (लतायाम्) — सप्तमी
सम्पूर्ण लता शब्द रूप
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथमा (कर्ता) | लता | लते | लताः |
| द्वितीया (कर्म) | लताम् | लते | लताः |
| तृतीया (करण) | लतया | लताभ्याम् | लताभिः |
| चतुर्थी (सम्प्रदान) | लतायै | लताभ्याम् | लताभ्यः |
| पञ्चमी (अपादान) | लतायाः | लताभ्याम् | लताभ्यः |
| षष्ठी (सम्बन्ध) | लतायाः | लतयोः | लतानाम् |
| सप्तमी (अधिकरण) | लतायाम् | लतयोः | लतासु |
| सम्बोधन | हे लते! | हे लते! | हे लताः! |
राम (पुं. अकारान्त) बनाम लता (स्त्री. आकारान्त) — तुलना
| विभक्ति | राम (पुं.) | लता (स्त्री.) | अन्तर? |
|---|---|---|---|
| प्रथमा एक. | रामः | लता | भिन्न |
| द्वितीया एक. | रामम् | लताम् | समान प्रकार |
| तृतीया एक. | रामेण | लतया | भिन्न |
| चतुर्थी एक. | रामाय | लतायै | भिन्न |
| पञ्चमी एक. | रामात् | लतायाः | भिन्न |
| षष्ठी एक. | रामस्य | लतायाः | भिन्न |
| सप्तमी एक. | रामे | लतायाम् | भिन्न |
| प्रथमा बहु. | रामाः | लताः | भिन्न |
सारांश: पुल्लिङ्ग और स्त्रीलिङ्ग के रूप लगभग पूर्णतः भिन्न हैं। दोनों अलग-अलग याद करने होंगे।
ध्यान देने योग्य बातें
1. प्रथमा बहुवचन = द्वितीया बहुवचन
दोनों = लताः। सन्दर्भ से अर्थ समझें:
- लताः सुन्दराः सन्ति = लताएँ (प्रथमा — कर्ता)
- बालकः लताः पश्यति = लताओं को (द्वितीया — कर्म)
2. पञ्चमी एकवचन = षष्ठी एकवचन
दोनों = लतायाः। सन्दर्भ से अर्थ:
- लतायाः पत्रम् पतति = लता से (पञ्चमी — अपादान)
- लतायाः पुष्पम् = लता का (षष्ठी — सम्बन्ध)
3. सम्बोधन एकवचन
सम्बोधन में आ → ए हो जाता है: हे लते! (प्रथमा द्विवचन ‘लते’ से भ्रमित न हों)
4. द्विवचन नियम
द्विवचन में तृतीया, चतुर्थी, पञ्चमी — तीनों = लताभ्याम् (राम की भाँति)
समान शब्द (आकारान्त स्त्रीलिङ्ग)
| शब्द | अर्थ | प्रथमा एक. | तृतीया एक. | प्रथमा बहु. |
|---|---|---|---|---|
| लता | बेल | लता | लतया | लताः |
| कन्या | कन्या | कन्या | कन्यया | कन्याः |
| विद्या | विद्या | विद्या | विद्यया | विद्याः |
| सेना | सेना | सेना | सेनया | सेनाः |
| बालिका | बालिका | बालिका | बालिकया | बालिकाः |
| कथा | कथा/कहानी | कथा | कथया | कथाः |
| माला | माला | माला | मालया | मालाः |
| सीता | सीता | सीता | सीतया | सीताः |
अभ्यास वाक्य
- लता सुन्दरा अस्ति। — लता सुन्दर है। (प्रथमा)
- बालिका लताम् पश्यति। — बालिका लता को देखती है। (द्वितीया)
- लतया वृक्षः आवृतः। — लता से वृक्ष ढका है। (तृतीया)
- लतायै जलं ददाति। — लता के लिए जल देता है। (चतुर्थी)
- लतायाः पुष्पम् पतति। — लता का फूल गिरता है। (षष्ठी)
- लतायाम् पुष्पाणि सन्ति। — लता में/पर फूल हैं। (सप्तमी)
मूल पाठ में प्रयोग
इन वाक्यों में आकारान्त शब्दों के रूप पहचानें:
बालिका विद्यालये विद्याम् पठति। विद्यायाः फलम् सुखम्। कन्याः गीतम् गायन्ति।
| शब्द | अर्थ | व्याकरण |
|---|---|---|
| बालिका | बालिका | प्रथमा एकवचन (कर्ता) |
| विद्यालये | विद्यालय में | सप्तमी एकवचन (अधिकरण) |
| विद्याम् | विद्या को | द्वितीया एकवचन (कर्म) |
| विद्यायाः | विद्या का | षष्ठी एकवचन (सम्बन्ध) |
| कन्याः | कन्याएँ | प्रथमा बहुवचन (कर्ता) |
अनुवाद: बालिका विद्यालय में विद्या पढ़ती है। विद्या का फल सुख है। कन्याएँ गीत गाती हैं।
याद रखें
- प्रथमा एकवचन = लता (मूल रूप, कोई प्रत्यय नहीं)
- तृतीया से सप्तमी एकवचन में आ → अय — लतया, लतायै, लतायाः, लतायाम्
- सम्बोधन में आ → ए — हे लते!
- प्रथमा बहुवचन = द्वितीया बहुवचन = लताः (सन्दर्भ से अर्थ)
- कन्या, विद्या, सीता, माला — सभी आकारान्त स्त्रीलिङ्ग शब्द इसी प्रकार चलते हैं
संवाद अभ्यास
गुरुः — उद्याने लताः सन्ति किम्? शिष्यः — आम्, उद्याने बह्व्यः लताः सन्ति। गुरुः — लता कुत्र वर्धते? शिष्यः — लता वृक्षम् आश्रित्य वर्धते। गुरुः — लतायाः पुष्पाणि कीदृशानि? शिष्यः — लतायाः पुष्पाणि सुन्दराणि सन्ति।
अभ्यास
'लता' शब्द का प्रथमा विभक्ति एकवचन रूप क्या है?