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इस मॉड्यूल के पाठ

विशेषण-विशेष्य सम्बन्ध

अनुमानित समय: 15 मिनट

विशेषण-विशेष्य नियम

संस्कृत में विशेषण (adjective) अपने विशेष्य (noun) के साथ तीन बातों में मेल खाता है:

  1. लिंग (Gender) — पुल्लिंग, स्त्रीलिंग, नपुंसकलिंग
  2. वचन (Number) — एकवचन, द्विवचन, बहुवचन
  3. विभक्ति (Case) — प्रथमा, द्वितीया, तृतीया, आदि

यह नियम हिन्दी से अलग है — हिन्दी में विशेषण प्रायः अपरिवर्तित रहता है (सुन्दर लड़का, सुन्दर लड़की), किन्तु संस्कृत में प्रत्येक स्थिति में रूप बदलता है

सुन्दर — तीनों लिंगों में

लिंगविशेषणविशेष्यवाक्यअर्थ
पुल्लिंगसुन्दरबालकसुन्दरः बालकः गच्छतिसुन्दर बालक जाता है
स्त्रीलिंगसुन्दरबालिकसुन्दरी बालिका गच्छतिसुन्दर बालिका जाती है
नपुंसकलिंगसुन्दरम्पुष्पम्सुन्दरं पुष्पम् अस्तिसुन्दर फूल है

विभक्ति में भी मेल

विशेषण विभक्ति में भी विशेष्य के समान रूप लेता है:

विभक्तिपुल्लिंग उदाहरणअर्थ
प्रथमासुन्दर बालकसुन्दर बालक (कर्ता)
द्वितीयासुन्दरम् बालकम्सुन्दर बालक को
तृतीयासुन्दरेण बालकेनसुन्दर बालक से/द्वारा
षष्ठीसुन्दरस्य बालकस्यसुन्दर बालक का

प्रमुख विशेषण

महत् (बड़ा / महान)

लिंगप्रथमा एकवचनउदाहरण
पुल्लिंगमहान्महान् नरः = बड़ा मनुष्य
स्त्रीलिंगमहतीमहती नदी = बड़ी नदी
नपुंसकलिंगमहत्महत् वनम् = बड़ा वन

लघु (छोटा)

लिंगप्रथमा एकवचनउदाहरण
पुल्लिंगलघुःलघुः बालकः = छोटा बालक
स्त्रीलिंगलघ्वीलघ्वी बालिका = छोटी बालिका
नपुंसकलिंगलघुलघु फलम् = छोटा फल

बहु (बहुत / अधिक)

लिंगप्रथमा एकवचनउदाहरण
पुल्लिंगबहुःबहवः जनाः = बहुत लोग
नपुंसकलिंगबहुबहु जलम् = बहुत जल

अल्प (थोड़ा / कम)

लिंगप्रथमा एकवचनउदाहरण
पुल्लिंगअल्पःअल्पः कालः = थोड़ा समय
स्त्रीलिंगअल्पाअल्पा विद्या = थोड़ी विद्या
नपुंसकलिंगअल्पम्अल्पम् धनम् = थोड़ा धन

अन्य सामान्य विशेषण

विशेषणअर्थपुल्लिंगस्त्रीलिंगनपुंसकलिंग
नवनयानवःनवानवम्
प्राचीनपुरानाप्राचीनःप्राचीनाप्राचीनम्
शुभ्रसफ़ेदशुभ्रःशुभ्राशुभ्रम्
कृष्णकालाकृष्णःकृष्णाकृष्णम्
शीतलठंडाशीतलःशीतलाशीतलम्
उष्णगर्मउष्णःउष्णाउष्णम्

वचन में भी मेल

वचनउदाहरणअर्थ
एकवचनसुन्दरः बालकःएक सुन्दर बालक
द्विवचनसुन्दरौ बालकौदो सुन्दर बालक
बहुवचनसुन्दराः बालकाःबहुत सुन्दर बालक

उदाहरण वाक्य

संस्कृतअर्थ
महान् नरः तत्र गच्छतिबड़ा मनुष्य वहाँ जाता है
शीतलं जलम् अस्तिठंडा जल है
नवा पाठशाला सुन्दरी अस्तिनई पाठशाला सुन्दर है
अल्पं धनम् अस्तिथोड़ा धन है
कृष्णः मेघः आगच्छतिकाला बादल आता है
शुभ्रं पुष्पम् अत्र अस्तिसफ़ेद फूल यहाँ है

विशेषण का स्थान

संस्कृत में विशेषण प्रायः विशेष्य के पहले आता है, किन्तु बाद में भी आ सकता है — अर्थ में कोई अन्तर नहीं:

शब्दक्रमउदाहरणअर्थ
विशेषण + विशेष्यसुन्दरं पुष्पम्सुन्दर फूल
विशेष्य + विशेषणपुष्पं सुन्दरम्फूल सुन्दर (है)

मूल पाठ में प्रयोग

महान् आचार्यः आगच्छति। सुन्दरी बालिका पुष्पं ददाति। शीतलं जलं सुलभम् अस्ति।

शब्दअर्थव्याकरण
महान्बड़ा/महानविशेषण, पुल्लिंग, प्रथमा
आचार्यःआचार्यविशेष्य, पुल्लिंग, प्रथमा
आगच्छतिआता हैआगम् धातु, लट्, प्र. पु.
सुन्दरीसुन्दरविशेषण, स्त्रीलिंग, प्रथमा
बालिकाबालिकाविशेष्य, स्त्रीलिंग, प्रथमा
पुष्पम्फूल कोनपुंसकलिंग, द्वितीया
ददातिदेती हैदा धातु, लट्, प्र. पु.
शीतलम्ठंडाविशेषण, नपुंसकलिंग, प्रथमा
जलम्जलविशेष्य, नपुंसकलिंग, प्रथमा
सुलभम्सरलता से प्राप्यविशेषण, नपुंसकलिंग

अन्वय: महान् आचार्यः आगच्छति। सुन्दरी बालिका पुष्पम् ददाति। शीतलम् जलम् सुलभम् अस्ति।

अनुवाद: महान आचार्य आता है। सुन्दर बालिका फूल देती है। ठंडा जल सुलभ है।

याद रखें

  1. विशेषण विशेष्य के लिंग, वचन, विभक्ति तीनों में मेल खाता है
  2. सुन्दर (पुं.), सुन्दर (स्त्री.), सुन्दरम् (नपुं.) — रूप बदलता है
  3. महत् विशेष है: महान् (पुं.), महती (स्त्री.), महत् (नपुं.)
  4. विशेषण प्रायः विशेष्य के पहले आता है, किन्तु बाद में भी आ सकता है
  5. अल्प (कम) और बहु (बहुत) विपरीतार्थक विशेषण हैं

अभ्यास

प्रश्न 1 / 70 सही

'सुन्दरी बालिका गच्छति' में 'सुन्दरी' किस लिंग में है?