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इस मॉड्यूल के पाठ

प्र, परा, अप

अनुमानित समय: 15 मिनट

प्र, परा, अप — तीन उपसर्ग

इस पाठ में हम तीन उपसर्गों को विस्तार से पढ़ेंगे: प्र (आगे), परा (दूर/पूर्णतया), अप (हटकर)।

1. प्र (आगे / forward / forth)

‘प्र’ सबसे प्रथम और सबसे अधिक प्रयुक्त उपसर्ग है। इसका मूल अर्थ है ‘आगे’ (forward)।

प्र के विभिन्न अर्थ-छायाएँ

अर्थ-छायाउदाहरणविच्छेदअर्थ
आगेप्रगच्छतिप्र + गम्आगे जाता है
भीतरप्रविशतिप्र + विश्अन्दर जाता है
विशेष/अधिकप्रकाशःप्र + काश्विशेष चमक
आरम्भप्रारम्भःप्र + आ + रम्भशुरू करना
बल/तीव्रताप्रबलःप्र + बलअति बलवान

प्रमुख शब्द — ‘प्र’ उपसर्ग

शब्दधातुअर्थ
प्रगतिःप्र + गम्आगे बढ़ना, progress
प्रवेशःप्र + विश्अन्दर जाना, entry
प्रकाशःप्र + काश्प्रकट चमक, light
प्रणामःप्र + नम्आगे झुकना, salutation
प्रहारःप्र + हृआगे ले जाकर मारना, attack
प्रयोगःप्र + युज्आगे जोड़ना, application
प्रसादःप्र + सद्प्रसन्नता, grace
प्रभावःप्र + भूविशेष होना, influence
प्रयत्नःप्र + यत्विशेष प्रयास, effort

वाक्यों में प्रयोग

बालकः विद्यालयं प्रविशति। = बालक विद्यालय में प्रवेश करता है। सूर्यस्य प्रकाशः सर्वत्र प्रसरति। = सूर्य का प्रकाश सर्वत्र फैलता है। शिष्यः गुरवे प्रणमति। = शिष्य गुरु को प्रणाम करता है।

2. परा (दूर / away / completely)

‘परा’ का मूल अर्थ है ‘दूर’ या ‘पूर्णतया’। यह प्रायः विपरीत या नकारात्मक अर्थ देता है।

परा के विभिन्न अर्थ-छायाएँ

अर्थ-छायाउदाहरणविच्छेदअर्थ
विपरीतपराजयःपरा + जिउल्टा जीतना → हारना
पूर्णतयापराभवःपरा + भूपूरी तरह हो जाना → पतन
दूरपराङ्मुखःपरा + अङ्मुखमुँह फेरना → उदासीन
अत्यधिकपराक्रमःपरा + क्रम्अत्यधिक बल → पराक्रम

प्रमुख शब्द — ‘परा’ उपसर्ग

शब्दधातुअर्थ
पराजयःपरा + जिहार, defeat
पराभवःपरा + भूपतन, downfall
पराक्रमःपरा + क्रम्वीरता, valour
पराङ्मुखःपरा + अञ्च्मुँह फेरना, averse
परामर्शःपरा + मृश्विचार/सलाह, consultation

वाक्यों में प्रयोग

रावणस्य पराजयः अभवत्। = रावण की पराजय हुई। अर्जुनस्य पराक्रमः प्रसिद्धः। = अर्जुन का पराक्रम प्रसिद्ध है। धर्मात् पराङ्मुखः मा भव। = धर्म से विमुख मत हो।

3. अप (दूर / off / away — प्रायः नकारात्मक)

‘अप’ का मूल अर्थ है ‘दूर/हटकर’ (off/away)। यह प्रायः नकारात्मक अर्थ देता है।

अप के विभिन्न अर्थ-छायाएँ

अर्थ-छायाउदाहरणविच्छेदअर्थ
दूर/बुराअपमानम्अप + मानमान से दूर → अपमान
हटकरअपगच्छतिअप + गम्दूर जाता है
नीचेअपकर्षःअप + कृष्नीचे खींचना → गिरावट
बुराअपकारःअप + कृबुरा करना → अपकार

प्रमुख शब्द — ‘अप’ उपसर्ग

शब्दधातुअर्थ
अपमानम्अप + मानअनादर, insult
अपकारःअप + कृहानि, harm
अपवादःअप + वद्बुराई कहना, exception/slander
अपहरणम्अप + हृछीनकर ले जाना, kidnapping
अपराधःअप + राध्गलत करना, crime/offence
अपयशःअप + यशस्बुरा यश → बदनामी

वाक्यों में प्रयोग

दुर्जनः अपकारं करोति। = दुर्जन अपकार करता है। चोरः धनम् अपहरति। = चोर धन अपहरण करता है। अपराधिनं दण्डयति राजा। = राजा अपराधी को दण्ड देता है।

तुलना — प्र, परा, अप

उपसर्गदिशाभावउदाहरण
प्रआगे →सकारात्मकप्रगति, प्रकाश, प्रणाम
परादूर/पूर्णतयामिश्रित (प्रायः नकारात्मक)पराजय, पराक्रम
अपहटकर/दूरनकारात्मकअपमान, अपकार

अभ्यास — उपसर्ग पहचानें

शब्दउपसर्गधातुअर्थ
प्रभावःप्रभूविशेष प्रभाव
पराभवःपराभूपतन
अपभ्रंशःअपभ्रंश्गिरावट/भ्रष्ट
प्रवाहःप्रवह्आगे बहना
अपवाहःअपवह्दूर बहना/बह जाना

याद रखें

  1. प्र = आगे/विशेष — प्रायः सकारात्मक (प्रगति, प्रकाश, प्रणाम)
  2. परा = दूर/पूर्णतया — प्रायः विपरीत अर्थ (पराजय, पराभव), कभी तीव्र (पराक्रम)
  3. अप = हटकर/दूर — प्रायः नकारात्मक (अपमान, अपकार, अपहरण)
  4. एक ही धातु ‘भू’ (होना): प्रभव = प्रभाव, पराभव = पतन — उपसर्ग ने अर्थ बदल दिया

अभ्यास

प्रश्न 1 / 70 सही

'प्रवेशः' में 'प्र' उपसर्ग का अर्थ क्या है?