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इस मॉड्यूल के पाठ

कारक परिचय — कारक और विभक्ति

अनुमानित समय: 20 मिनट

कारक क्या है?

कारक का शाब्दिक अर्थ है — ‘करने वाला’। वाक्य में क्रिया की सिद्धि (completion) में जो तत्त्व सहायक होते हैं, उन्हें कारक कहते हैं।

एक सरल उदाहरण:

रामः दण्डेन सर्पम् ताडयति। (राम दण्ड से साँप को मारता है।)

इस वाक्य में:

  • रामः = करने वाला (कर्ता)
  • सर्पम् = जिस पर क्रिया हो रही है (कर्म)
  • दण्डेन = जिस साधन से क्रिया हो रही है (करण)
  • ताडयति = क्रिया (मारता है)

छह कारक

संस्कृत में 6 कारक होते हैं। प्रत्येक कारक एक निश्चित विभक्ति में प्रकट होता है:

कारकविभक्तिहिन्दी अर्थप्रश्नउदाहरण
कर्ताप्रथमा—नेकौन करता है?रामः गच्छति (राम जाता है)
कर्मद्वितीया—कोकिसे/क्या?रामः ग्रामम् गच्छति (गाँव को)
करणतृतीया—से/द्वाराकिससे/कैसे?हस्तेन लिखति (हाथ से)
सम्प्रदानचतुर्थी—के लिएकिसके लिए?गुरवे नमः (गुरु के लिए)
अपादानपञ्चमी—से (अलग)कहाँ से?वृक्षात् पतति (वृक्ष से गिरता)
अधिकरणसप्तमी—में/परकहाँ/कब?गृहे तिष्ठति (घर में बैठता)

षष्ठी विभक्ति — कारक नहीं!

षष्ठी विभक्ति (सम्बन्ध — का/के/की) को कारक नहीं माना जाता, क्योंकि यह क्रिया से सीधे सम्बन्धित नहीं है — यह केवल दो शब्दों के बीच सम्बन्ध बताती है:

रामस्य पुस्तकम् = राम का पुस्तक

यहाँ ‘रामस्य’ सीधे किसी क्रिया से नहीं जुड़ा — यह केवल पुस्तक और राम का सम्बन्ध बताता है।

करण बनाम अपादान — ‘से’ का अन्तर

हिन्दी में दोनों के लिए ‘से’ प्रयुक्त होता है, परन्तु संस्कृत में भिन्न विभक्तियाँ हैं:

करण (तृतीया)अपादान (पञ्चमी)
अर्थसाधन / instrumentअलगाव / separation
प्रश्नकिससे? (by means of)कहाँ से? (from where)
उदाहरणकलमेन लिखतिविद्यालयात् आगच्छति
हिन्दीकलम से लिखता हैविद्यालय से आता है

कुञ्जी: करण = ‘tool/instrument से’, अपादान = ‘place/source से (अलग होकर)‘

कारक पहचानने की विधि

वाक्य में कारक पहचानने के लिए क्रिया से प्रश्न पूछें:

प्रश्नकारकविभक्ति
कौन करता है?कर्ताप्रथमा
क्या/किसे करता है?कर्मद्वितीया
किससे/कैसे करता है?करणतृतीया
किसके लिए करता है?सम्प्रदानचतुर्थी
कहाँ से (अलग)?अपादानपञ्चमी
कहाँ/कब?अधिकरणसप्तमी

अभ्यास — कारक पहचानें

वाक्य 1: बालकः हस्तेन फलम् वृक्षात् गृहे खादति।

(बालक हाथ से फल वृक्ष से (तोड़कर) घर में खाता है।)

शब्दकारकविभक्तिकैसे पहचाना?
बालकःकर्ताप्रथमाकौन खाता है? → बालक
हस्तेनकरणतृतीयाकिससे खाता है? → हाथ से
फलम्कर्मद्वितीयाक्या खाता है? → फल
वृक्षात्अपादानपञ्चमीकहाँ से? → वृक्ष से
गृहेअधिकरणसप्तमीकहाँ खाता है? → घर में

वाक्य 2: गुरुः शिष्याय ज्ञानम् ददाति।

(गुरु शिष्य के लिए ज्ञान देता है।)

शब्दकारकविभक्तिकैसे पहचाना?
गुरुःकर्ताप्रथमाकौन देता है? → गुरु
शिष्यायसम्प्रदानचतुर्थीकिसके लिए? → शिष्य के लिए
ज्ञानम्कर्मद्वितीयाक्या देता है? → ज्ञान

वाक्य 3: नद्याम् बालकाः क्रीडन्ति।

(नदी में बालक खेलते हैं।)

शब्दकारकविभक्तिकैसे पहचाना?
नद्याम्अधिकरणसप्तमीकहाँ खेलते हैं? → नदी में
बालकाःकर्ताप्रथमाकौन खेलते हैं? → बालक

मूल पाठ में प्रयोग

इस वाक्य में सभी कारक पहचानें:

बालकः विद्यालये गुरोः समीपे पुस्तकेन विद्याम् पठति।

शब्दअर्थकारकविभक्ति
बालकःबालक (ने)कर्ताप्रथमा
विद्यालयेविद्यालय मेंअधिकरणसप्तमी
गुरोःगुरु केसम्बन्धषष्ठी
समीपेसमीप/पास मेंअधिकरणसप्तमी
पुस्तकेनपुस्तक सेकरणतृतीया
विद्याम्विद्या कोकर्मद्वितीया

अनुवाद: बालक विद्यालय में गुरु के समीप पुस्तक से विद्या पढ़ता है।

सारांश सारणी

कारकविभक्तिचिह्न (राम)प्रश्नहिन्दी
कर्ताप्रथमारामःकौन?—ने
कर्मद्वितीयारामम्क्या/किसे?—को
करणतृतीयारामेणकिससे?—से (साधन)
सम्प्रदानचतुर्थीरामायकिसके लिए?—के लिए
अपादानपञ्चमीरामात्कहाँ से?—से (अलग)
(सम्बन्ध)षष्ठीरामस्यकिसका?—का/के/की
अधिकरणसप्तमीरामेकहाँ/कब?—में/पर

याद रखें

  1. 6 कारक = कर्ता, कर्म, करण, सम्प्रदान, अपादान, अधिकरण
  2. षष्ठी (सम्बन्ध) कारक नहीं है — यह शब्दों के बीच सम्बन्ध बताती है
  3. करण = साधन से (तृतीया), अपादान = अलग होकर से (पञ्चमी) — दोनों ‘से’ हैं, अर्थ भिन्न
  4. कारक पहचानने के लिए क्रिया से प्रश्न पूछें — कौन, क्या, किससे, किसके लिए, कहाँ से, कहाँ
  5. विभक्ति रूप शब्द-रूप पाठों में सीखा, अब कारक = वह अर्थ जो विभक्ति प्रकट करती है

अभ्यास

प्रश्न 1 / 90 सही

'कारक' का शाब्दिक अर्थ क्या है?