मुख्य सामग्री पर जाएँ
इस मॉड्यूल के पाठ

भ्वादि गण — लोट् लकार (आज्ञार्थ)

अनुमानित समय: 18 मिनट

लोट् लकार — आज्ञार्थ

लोट् लकार = आज्ञार्थ (imperative mood)। इसका प्रयोग तीन स्थितियों में होता है:

  1. आज्ञा (command): गच्छ! = जा!
  2. प्रार्थना (request): कृपया पठतु = कृपया पढ़ें
  3. आशीर्वाद (blessing): चिरं जीवतु = चिरकाल जीवित रहे

लोट् लकार प्रत्यय सारणी

एकवचनद्विवचनबहुवचन
प्रथम पुरुष-तु-ताम्-न्तु
मध्यम पुरुष— (शून्य)-तम्-त
उत्तम पुरुष-आनि-आव-आम

मध्यम पुरुष एकवचन में मूल प्रत्यय ‘-हि’ है, परन्तु भ्वादि गण में यह प्रायः लुप्त हो जाता है — केवल धातु अंश शेष रहता है।

गम् धातु — लोट् लकार (9 रूप)

एकवचनद्विवचनबहुवचन
प्रथम पुरुष (वह/वे)गच्छतुगच्छताम्गच्छन्तु
मध्यम पुरुष (तू/तुम)गच्छगच्छतम्गच्छत
उत्तम पुरुष (मैं/हम)गच्छानिगच्छावगच्छाम

पठ् धातु — लोट् लकार

एकवचनद्विवचनबहुवचन
प्रथम पुरुषपठतुपठताम्पठन्तु
मध्यम पुरुषपठपठतम्पठत
उत्तम पुरुषपठानिपठावपठाम

भू धातु — लोट् लकार

भू → अंश: भव-

एकवचनद्विवचनबहुवचन
प्रथम पुरुषभवतुभवताम्भवन्तु
मध्यम पुरुषभवभवतम्भवत
उत्तम पुरुषभवानिभवावभवाम

लोट् के विभिन्न प्रयोग

1. आज्ञा (Command)

वाक्यअर्थ
गच्छ(तू) जा!
पठत(तुम सब) पढ़ो!
तत्र तिष्ठ(तू) वहाँ खड़ा रह!

2. प्रार्थना / विनम्र अनुरोध (Request)

वाक्यअर्थ
कृपया इदं पठतुकृपया यह पढ़ें
भवान् उपविशतुआप बैठें

3. आशीर्वाद (Blessing)

वाक्यअर्थ
चिरं जीवतुचिरकाल जीवित रहे
सुखी भवतुसुखी हो
विजयी भवविजयी हो

4. उत्तम पुरुष — इच्छा / संकल्प

वाक्यअर्थ
गच्छानिमैं जाऊँ (मुझे जाने दो)
पठामहम पढ़ें (चलो पढ़ते हैं)

लट् बनाम लोट् — तुलना

पुरुष + वचनगम् (लट्)गम् (लोट्)
प्र.पु.ए.गच्छतिगच्छतु
प्र.पु.द्वि.गच्छतःगच्छताम्
प्र.पु.ब.गच्छन्तिगच्छन्तु
म.पु.ए.गच्छसिगच्छ
म.पु.द्वि.गच्छथःगच्छतम्
म.पु.ब.गच्छगच्छ
उ.पु.ए.गच्छामिगच्छानि
उ.पु.द्वि.गच्छावःगच्छा
उ.पु.ब.गच्छामःगच्छा

ध्यान दें — लोट् में धातु अंश वही रहता है। केवल प्रत्यय बदलते हैं: -ति → -तु, -न्ति → -न्तु, -मि → -आनि।

उदाहरण वाक्य

संस्कृतअर्थ
बालक, संस्कृतं पठहे बालक, संस्कृत पढ़!
सर्वे बालकाः पठन्तुसब लड़के पढ़ें
गुरुः कथां पठतुगुरु कथा पढ़ें
वयं विद्यालयं गच्छामहम विद्यालय चलें

मूल पाठ में प्रयोग

हे बालक, विद्यालयं गच्छ। तत्र गुरुं नमतु। संस्कृतं पठ। ज्ञानं प्राप्नुहि।

शब्दअर्थव्याकरण
हे बालकहे लड़के!सम्बोधन
गच्छ(तू) जा!गम्, लोट्, म.पु.ए.
नमतु(वह) नमन करेनम्, लोट्, प्र.पु.ए.
पठ(तू) पढ़!पठ्, लोट्, म.पु.ए.

अनुवाद: हे लड़के, विद्यालय जा। वहाँ गुरु को नमन कर। संस्कृत पढ़। ज्ञान प्राप्त कर।

याद रखें

  1. लोट् लकार = आज्ञार्थ — आज्ञा, प्रार्थना, आशीर्वाद, इच्छा के लिए
  2. प्रमुख प्रत्यय: -तु/-ताम्/-न्तु (प्र.पु.), शून्य/-तम्/-त (म.पु.), -आनि/-आव/-आम (उ.पु.)
  3. मध्यम पुरुष एकवचन में प्रायः केवल धातु अंश रहता है: गच्छ, पठ, भव
  4. प्रथम पुरुष रूप सबसे अधिक प्रयुक्त: गच्छतु, भवतु, पठन्तु

संवाद अभ्यास

गुरुः — हे राम! अत्र आगच्छ। शिष्यः — आगच्छामि, गुरुदेव। गुरुः — पुस्तकं पठ। शिष्यः — आम्, पठामि। गुरुः — हे बालकाः! सर्वे पठत। शिष्यः — वयं पठामः, गुरुदेव। गुरुः — शोभनम्! सदा एवं पठत।

अभ्यास

प्रश्न 1 / 90 सही

लोट् लकार का प्रयोग किसलिए होता है?