क्रियाविशेषण अव्यय — कालवाचक, स्थानवाचक
अनुमानित समय: 15 मिनट
क्रियाविशेषण अव्यय क्या हैं?
क्रियाविशेषण (Adverbs) वे अव्यय हैं जो क्रिया की विशेषता बताते हैं — कब हुआ (कालवाचक), कहाँ हुआ (स्थानवाचक), कैसे हुआ (रीतिवाचक)।
बालकः अद्य अत्र शीघ्रम् आगच्छति। बालक आज (कब?) यहाँ (कहाँ?) शीघ्र (कैसे?) आता है।
1. कालवाचक अव्यय (Time Adverbs)
ये अव्यय बताते हैं कि क्रिया कब होती है:
| अव्यय | अर्थ | उदाहरण वाक्य |
|---|---|---|
| अद्य | आज | अद्य वर्षा भवति (आज वर्षा होती है) |
| श्वः | कल (आने वाला) | श्वः गमिष्यामि (कल जाऊँगा) |
| ह्यः | कल (बीता हुआ) | ह्यः सः आगच्छत् (कल वह आया) |
| सदा | हमेशा | सदा सत्यं वद (सदा सत्य बोलो) |
| कदा | कब | कदा आगमिष्यसि? (कब आओगे?) |
| यदा | जब | यदा सूर्यः उदेति… (जब सूर्य उगता है…) |
| तदा | तब | …तदा पक्षिणः कूजन्ति (…तब पक्षी कूजते हैं) |
| इदानीम् | अभी/इस समय | इदानीम् किं करोषि? (अभी क्या करते हो?) |
| पुरा | पहले/प्राचीन काल में | पुरा एकः राजा आसीत् (पहले एक राजा था) |
| चिरम् | देर तक | सः चिरम् अतिष्ठत् (वह देर तक ठहरा) |
यदा…तदा (जब…तब)
यदा वर्षा भवति तदा मयूराः नृत्यन्ति। जब वर्षा होती है तब मोर नाचते हैं।
2. स्थानवाचक अव्यय (Place Adverbs)
ये अव्यय बताते हैं कि क्रिया कहाँ होती है:
| अव्यय | अर्थ | उदाहरण वाक्य |
|---|---|---|
| अत्र | यहाँ | अत्र आगच्छ (यहाँ आओ) |
| तत्र | वहाँ | तत्र एकं मन्दिरम् अस्ति (वहाँ एक मन्दिर है) |
| कुत्र | कहाँ | भवान् कुत्र वसति? (आप कहाँ रहते हैं?) |
| यत्र | जहाँ | यत्र योगेश्वरः कृष्णः… (जहाँ योगेश्वर कृष्ण हैं…) |
| सर्वत्र | सब जगह | ईश्वरः सर्वत्र अस्ति (ईश्वर सब जगह है) |
| अन्यत्र | अन्यत्र/कहीं और | सः अन्यत्र गतः (वह कहीं और गया) |
‘त्र’ प्रत्यय का रहस्य
ध्यान दें कि अनेक स्थानवाचक अव्ययों में ‘त्र’ प्रत्यय है:
| मूल | + त्र | अर्थ |
|---|---|---|
| अ (यह) | अत्र | यहाँ |
| त (वह) | तत्र | वहाँ |
| कु (कौन?) | कुत्र | कहाँ |
| य (जो) | यत्र | जहाँ |
| सर्व (सब) | सर्वत्र | सब जगह |
यत्र…तत्र (जहाँ…वहाँ)
यत्र धर्मः तत्र जयः। जहाँ धर्म है वहाँ जय (विजय) है।
3. रीतिवाचक अव्यय (Manner Adverbs)
ये अव्यय बताते हैं कि क्रिया कैसे होती है:
| अव्यय | अर्थ | उदाहरण वाक्य |
|---|---|---|
| तथा | वैसे/उस प्रकार | तथा एव अभवत् (वैसे ही हुआ) |
| यथा | जैसे/जिस प्रकार | यथा राजा तथा प्रजा (जैसा राजा वैसी प्रजा) |
| कथम् | कैसे | कथम् एतत् सम्भवम्? (यह कैसे सम्भव है?) |
| एवम् | इस प्रकार | एवम् अस्तु (ऐसा ही हो) |
| शीघ्रम् | जल्दी | शीघ्रम् आगच्छ (जल्दी आओ) |
| शनैः | धीरे-धीरे | शनैः शनैः चल (धीरे-धीरे चलो) |
यथा…तथा (जैसा…वैसा)
यथा बीजं तथा वृक्षः। जैसा बीज वैसा वृक्ष।
सहसम्बन्धी जोड़े (Correlative Pairs)
संस्कृत में अनेक अव्यय सहसम्बन्धी जोड़ों (correlative pairs) में प्रयुक्त होते हैं:
| य-शब्द | त-शब्द | अर्थ |
|---|---|---|
| यत्र (जहाँ) | तत्र (वहाँ) | where…there |
| यदा (जब) | तदा (तब) | when…then |
| यथा (जैसा) | तथा (वैसा) | as…so |
ये जोड़े संस्कृत वाक्यों में बहुत प्रचलित हैं।
अभ्यास — वाक्य पूरा करें
- ___ विद्यालयः तत्र बालकाः। (यत्र)
- ___ सूर्यः अस्तं गच्छति तदा अन्धकारः भवति। (यदा)
- भवान् ___ गच्छति? (कुत्र)
- सः ___ सत्यं वदति। (सदा)
याद रखें
- कालवाचक: अद्य, श्वः, ह्यः, सदा, कदा, यदा, तदा — कब?
- स्थानवाचक: अत्र, तत्र, कुत्र, यत्र, सर्वत्र — कहाँ?
- रीतिवाचक: यथा, तथा, कथम्, एवम्, शीघ्रम् — कैसे?
- ‘त्र’ प्रत्यय = स्थान (अत्र, तत्र, कुत्र, यत्र, सर्वत्र)
- सहसम्बन्धी जोड़े: यत्र-तत्र, यदा-तदा, यथा-तथा
अभ्यास
प्रश्न 1 / 90 सही
'ह्यः' का अर्थ क्या है?