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इस मॉड्यूल के पाठ

तुमुन् प्रत्यय — infinitive

अनुमानित समय: 12 मिनट

तुमुन् प्रत्यय — Infinitive (करने के लिए)

तुमुन् प्रत्यय से infinitive (क्रियार्थक अव्यय) बनता है — “करने के लिए”, “करना”।

सः पठितुम् इच्छति। वह पढ़ना चाहता है। / वह पढ़ने के लिए इच्छुक है।

निर्माण नियम

धातु + तुम् = तुमुन् कृदन्त

धातुतुमुन् रूपअर्थ
गम्गन्तुम्जाने के लिए
कृकर्तुम्करने के लिए
पठ्पठितुम्पढ़ने के लिए
लिख्लिखितुम्लिखने के लिए
दृश्द्रष्टुम्देखने के लिए
श्रुश्रोतुम्सुनने के लिए
भुज्भोक्तुम्खाने के लिए
पापातुम्पीने के लिए
दादातुम्देने के लिए
ज्ञाज्ञातुम्जानने के लिए
वद्वक्तुम्बोलने के लिए
जिजेतुम्जीतने के लिए
नीनेतुम्ले जाने के लिए

ध्यान दें: कुछ धातुओं में ‘इ’ (इट्) जुड़ता है — पठ् → पठितुम्, लिख् → लिखितुम्। कुछ में नहीं — कृ → कर्तुम्, गम् → गन्तुम्।

तुमुन् = अव्यय

तुमुन् कृदन्त अव्यय है — इसमें लिंग, वचन, विभक्ति कुछ नहीं बदलता:

वाक्यतुमुन् रूप
रामः गन्तुम् इच्छतिगन्तुम् (पुल्लिंग)
सीता गन्तुम् इच्छतिगन्तुम् (स्त्रीलिंग)
ते गन्तुम् इच्छन्तिगन्तुम् (बहुवचन)

सदा ‘गन्तुम्’ ही — कोई परिवर्तन नहीं।

सहायक क्रियाएँ

तुमुन् प्रायः इन क्रियाओं के साथ प्रयुक्त होता है:

क्रियाअर्थउदाहरण
इच्छतिचाहनापठितुम् इच्छति (पढ़ना चाहता है)
शक्नोतिसकनागन्तुम् शक्नोति (जा सकता है)
अर्हतियोग्य होनाकर्तुम् अर्हति (करने योग्य है)
यततेप्रयत्न करनाजेतुम् यतते (जीतने का प्रयत्न करता है)
आरभतेआरम्भ करनापठितुम् आरभते (पढ़ना आरम्भ करता है)
समर्थःसमर्थकर्तुम् समर्थः (करने में समर्थ)
उचितम्उचितवक्तुम् उचितम् (बोलना उचित है)

वाक्यों में प्रयोग

बालकः क्रीडितुम् इच्छति। बालक खेलना चाहता है।

सः संस्कृतं पठितुम् शक्नोति। वह संस्कृत पढ़ सकता है।

त्वं सत्यं वक्तुम् अर्हसि। तुम सत्य बोलने योग्य हो।

अहं ग्रन्थं लिखितुम् यते। मैं ग्रन्थ लिखने का प्रयत्न करता हूँ।

गन्तुम् न शक्नोमि — रोगः अस्ति। जा नहीं सकता — रोग है।

गीता से उदाहरण

न हि कश्चित्क्षणमपि जातु तिष्ठत्यकर्मकृत्। (3.5) कोई भी क्षणभर भी कर्म किए बिना नहीं रह सकता।

योगी भवितुम् अर्हति। (6.46) (वह) योगी होने योग्य है। (भवितुम् = भू + तुमुन्)

याद रखें

  1. तुमुन् = ”…ने के लिए” / infinitive — अव्यय
  2. रूप: धातु + तुम् (कभी इट् सहित — पठितुम्)
  3. प्रायः इच्छति, शक्नोति, अर्हति आदि के साथ प्रयुक्त
  4. अव्यय — लिंग/वचन/विभक्ति नहीं बदलती
  5. हिन्दी के ”…ना/…ने को” के समकक्ष

अभ्यास

प्रश्न 1 / 60 सही

तुमुन् प्रत्यय का अर्थ क्या है?