अव्ययीभाव समास
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अव्ययीभाव समास क्या है?
अव्ययीभाव समास में पूर्वपद (पहला शब्द) एक अव्यय होता है और सम्पूर्ण समस्त पद भी अव्यय (indeclinable) की भाँति कार्य करता है।
यथा + शक्ति → यथाशक्ति (शक्ति के अनुसार)
यहाँ ‘यथा’ अव्यय है, और ‘यथाशक्ति’ भी अव्यय की तरह प्रयुक्त होता है — इसमें लिंग, वचन, विभक्ति का परिवर्तन नहीं होता।
मुख्य नियम
- पूर्वपद सदा अव्यय होता है (यथा, प्रति, उप, अनु, निर् आदि)
- पूर्वपद प्रधान — पूर्वपद (अव्यय) का अर्थ मुख्य होता है
- समस्त पद = नपुंसकलिंग, एकवचन (द्वितीया विभक्ति / अव्यय रूप)
सामान्य अव्यय पूर्वपद
| अव्यय | अर्थ | उदाहरण | विग्रह |
|---|---|---|---|
| यथा | के अनुसार | यथाशक्ति | शक्ति के अनुसार |
| प्रति | प्रत्येक | प्रतिदिनम् | प्रत्येक दिन |
| उप | समीप | उपकूलम् | कूल (तट) के समीप |
| अनु | के पीछे/अनुसार | अनुरूपम् | रूप के अनुसार |
| निर् | बिना/रहित | निर्भयम् | भय से रहित |
| स | सहित | सादरम् | आदर सहित |
| आ | तक | आजन्म | जन्म से लेकर |
विस्तृत उदाहरण
1. यथा — के अनुसार
| समस्त पद | विग्रह | अर्थ |
|---|---|---|
| यथाशक्ति | शक्तिम् अनतिक्रम्य | शक्ति के अनुसार |
| यथाविधि | विधिम् अनतिक्रम्य | विधि के अनुसार |
| यथासमयम् | समयम् अनतिक्रम्य | समय के अनुसार |
| यथाक्रमम् | क्रमम् अनतिक्रम्य | क्रम के अनुसार |
2. प्रति — प्रत्येक
| समस्त पद | विग्रह | अर्थ |
|---|---|---|
| प्रतिदिनम् | दिनं दिनं प्रति | प्रतिदिन |
| प्रतिवर्षम् | वर्षं वर्षं प्रति | प्रतिवर्ष |
| प्रत्यक्षम् | अक्षि अक्षि प्रति | आँखों के सामने |
3. उप — समीप
| समस्त पद | विग्रह | अर्थ |
|---|---|---|
| उपकूलम् | कूलस्य समीपम् | तट के पास |
| उपनगरम् | नगरस्य समीपम् | नगर के पास |
| उपवनम् | वनस्य समीपम् | वन के पास |
4. निर् — रहित / बिना
| समस्त पद | विग्रह | अर्थ |
|---|---|---|
| निर्भयम् | भयस्य अभावः | भय से रहित |
| निर्दोषम् | दोषस्य अभावः | दोष से रहित |
| निर्जनम् | जनानाम् अभावः | जनों से रहित |
वाक्यों में प्रयोग
सः यथाशक्ति दानं ददाति। वह शक्ति के अनुसार दान देता है।
छात्रः प्रतिदिनम् अभ्यासं करोति। छात्र प्रतिदिन अभ्यास करता है।
बालकः उपवनं क्रीडति। बालक वन के समीप खेलता है।
सा निर्भयम् वदति। वह निर्भय होकर बोलती है।
याद रखें
- अव्ययीभाव में पूर्वपद = अव्यय (यथा, प्रति, उप, निर् आदि)
- पूर्वपद प्रधान — पूरे शब्द का मुख्य अर्थ अव्यय से आता है
- समस्त पद नपुंसकलिंग एकवचन में रहता है
- यह पूरा शब्द अव्यय की तरह प्रयुक्त होता है — विभक्ति/वचन नहीं बदलता
अभ्यास
प्रश्न 1 / 70 सही
अव्ययीभाव समास में कौन-सा पद प्रधान होता है?