सुभाषित सरल
परोपकारः — परोपकार का महत्त्व
मूल पाठ
परोपकाराय फलन्ति वृक्षाः परोपकाराय वहन्ति नद्यः।
परोपकाराय दुहन्ति गावः परोपकारार्थमिदं शरीरम्॥
परोपकाराय दुहन्ति गावः परोपकारार्थमिदं शरीरम्॥
यह प्रसिद्ध सुभाषित प्रकृति के उदाहरणों से परोपकार की शिक्षा देता है।
व्याकरण विशेष
- परोपकाराय — परोपकार शब्द, चतुर्थी विभक्ति एकवचन (= के लिए)
- फलन्ति — फल् धातु, लट् लकार, प्रथम पुरुष, बहुवचन
- वृक्षाः — वृक्ष शब्द, प्रथमा विभक्ति बहुवचन
- नद्यः — नदी शब्द, प्रथमा विभक्ति बहुवचन
- गावः — गो शब्द, प्रथमा विभक्ति बहुवचन